Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे। इस यात्रा को प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक साझेदारी मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों को समझने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सरकार का फोकस विदेशी कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रेरित करना और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा देना है।
600 किमी प्रति घंटा की मैगलेव ट्रेन का अनुभव
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अत्याधुनिक मैगलेव मैग्नेटिक लेविटेशन ट्रेन में यात्रा करेंगे। यह ट्रेन चुंबकीय तकनीक की मदद से पटरी से ऊपर तैरते हुए चलती है और करीब 600 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। बताया जा रहा है कि वे लगभग 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे। इस अनुभव को भविष्य की हाई-स्पीड और स्मार्ट मोबिलिटी परियोजनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Uttar Pradesh: भारत-जापान तकनीकी सहयोग पर नजर
टोक्यो और नागोया के बीच विकसित हो रहे मैगलेव कॉरिडोर को लेकर दुनियाभर में चर्चा है। ऐसे में इस यात्रा को भारत-जापान के बीच तकनीकी सहयोग और हाई-स्पीड परिवहन के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सतत और तेज परिवहन व्यवस्था की दिशा में यह दौरा उपयोगी साबित हो सकता है।
Uttar Pradesh: 22 फरवरी से शुरू होगा कार्यक्रम
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 22 फरवरी को सिंगापुर पहुंचेंगे, जहां वे 23 और 24 फरवरी को विभिन्न निवेशकों और औद्योगिक समूहों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 25 और 26 फरवरी को जापान में औद्योगिक बैठकों और तकनीकी कार्यक्रमों में भाग लेने का प्रस्ताव है। इस दौरान राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
परिधान को लेकर भी चर्चा
मुख्यमंत्री अपने पारंपरिक भगवा वस्त्रों के लिए पहचाने जाते हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रायः इसी वेशभूषा में नजर आते हैं। हालांकि इस दौरे में औपचारिक कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल को देखते हुए उनके फुटवियर को लेकर भी चर्चा है। सामान्यतः सैंडल पहनने वाले मुख्यमंत्री इस बार औपचारिक जूते पहन सकते हैं।
Uttar Pradesh: जापान में मंदिर दर्शन की योजना
सूत्रों के मुताबिक जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री टोक्यो के पास स्थित एक हनुमान मंदिर में दर्शन भी कर सकते हैं। इसे सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत और जापान के बीच आपसी संबंधों को दर्शाता है।मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। इससे पहले वे मॉरीशस और म्यांमार सहित अन्य देशों के दौरे पर भी जा चुके हैं, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और निवेश कार्यक्रमों में भाग लिया था।कुल मिलाकर, सिंगापुर और जापान का यह दौरा तकनीक, निवेश और सांस्कृतिक संवाद तीनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और परिवहन योजनाओं को नई गति मिलेगी।
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