Narmada Parikrama Path: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश सरकार के बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ के लिए कोई विशेष प्रावधान न किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह कदम श्रद्धालुओं और राज्य की सांस्कृतिक आस्था के लिए आहत करने वाला है।
कमलनाथ ने बताया कि नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की आस्था, संस्कृति और जीवनधारा का प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु नर्मदा परिक्रमा के लिए निकलते हैं। लेकिन इस साल के बजट में परिक्रमा पथ के विकास का कहीं कोई उल्लेख नहीं है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्रद्धालुओं को परिक्रमा पथ में समस्याएँ
पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में परिक्रमा पथ की खराब स्थिति और समस्याओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले खरगोन जिले की सनावद तहसील में अलीबुजुर्ग से टोंकसर के बीच श्रद्धालुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसमें मार्ग की जर्जर स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी मुद्दे शामिल थे। कमलनाथ ने उम्मीद जताई थी कि सरकार इन मुद्दों को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करेगी, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
Narmada Parikrama Path: नर्मदा पथ सुधार सरकार की जिम्मेदारी
कमलनाथ ने आगे कहा कि धर्म और आस्था सिर्फ भाषण और आयोजनों तक सीमित नहीं हो सकते। अगर सरकार सच में श्रद्धालुओं के सम्मान और सुविधा के प्रति प्रतिबद्ध है, तो नर्मदा परिक्रमा पथ को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नर्मदा परिक्रमा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से भी जुड़ी हुई है।
कमलनाथ ने सरकार से अपील की है कि नर्मदा परिक्रमा पथ को श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक मानते हुए, इसके सुधार और विकास के लिए साफ योजना, बजट प्रावधान और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।






