Supreme Court: 20 फरवरी: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ओर से युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के एमएलसी अनंत उदय भास्कर के खिलाफ चल रही हत्या मामले की जांच पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस और सत्ता के गठजोड़ का आरोप लगाया और जांच के तरीके पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने जांच को लेकर कड़ी चेतावनी दी और 30 नवंबर तक ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह साफ तौर पर पुलिस और सत्ता के गठजोड़ का मामला है। कोर्ट ने इस बात को रेखांकित किया कि जांच एजेंसियां आरोपी के साथ मिलीभगत कर रही हैं, जिससे अपराध की जांच में लापरवाही हो रही है।
Supreme Court: 30 नवंबर तक ट्रायल का आदेश
सीजेआई ने कहा कि अनंत उदय भास्कर को पिछले दो सालों से अंतरिम बेल मिल रही है, और इस बीच पुलिस ने आरोपी को बेल दिलाने की कोशिश की। कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले में आरोप तय किए जाएं और 30 नवंबर तक ट्रायल पूरा किया जाए।
हाई कोर्ट से सीनियर ज्यूडिशियल ऑफिसर की नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से ट्रायल के लिए एक सीनियर ज्यूडिशियल ऑफिसर नियुक्त करने का अनुरोध किया। इसके अलावा, कोर्ट ने आरोप तय होने के बाद साक्ष्य जांच और ट्रायल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।






