IAS Love Story: अक्सर जब दो आईएएस अधिकारी शादी के बंधन में बंधते हैं, तो दिमाग में आलीशान होटल, शाही ताम-झाम और वीआईपी मेहमानों की तस्वीर उभरती है। लेकिन बरेली की बेटी आईएएस अदिति और आईएएस माधव भारद्वाज ने इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए सादगी का एक ऐसा अध्याय लिखा है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। बिना किसी बैंड-बाजे और बिना किसी भव्य आयोजन के, इन दो युवा अफसरों ने केवल एक माला और अदालती कार्यवाही के जरिए अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत की है।
अलवर कलेक्ट्रेट में रजिस्टर्ड मैरिज
राजस्थान के अलवर में तैनात एसडीएम अदिति (IAS) और गुजरात के जामनगर में तैनात एसडीएम माधव भारद्वाज (IAS) ने अपनी शादी को बेहद निजी और गरिमामय रखा। दोनों अधिकारी साधारण वेशभूषा में अलवर जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुँचे। वहां किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची के बिना, सादे तरीके से एक-दूसरे को माला पहनाई और कानूनी तौर पर विवाह का पंजीकरण कराया। इस दौरान न तो कोई भारी सुरक्षा दस्ता था और न ही कोई हाई-प्रोफाइल सजावट। कलेक्टर के सामने दोनों ने हस्ताक्षर किए और औपचारिक रूप से पति-पत्नी बन गए। उनकी इस ‘लव-मैरिज’ की सबसे खूबसूरत बात इसकी सरलता रही, जिसने यह संदेश दिया कि विवाह दो आत्माओं का मिलन है, न कि धन-प्रदर्शन का माध्यम।
IAS Love Story: बाधाओं को मात देकर हासिल किया मुकाम
इस जोड़ी की कहानी केवल सादगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और सफलता की भी एक मिसाल है। माधव भारद्वाज की सफलता की यात्रा बेहद प्रेरणादायक है:
* शिक्षा का सफर: माधव ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम (IIM) से एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी की। उनके पास कॉर्पोरेट जगत में लाखों का पैकेज पाने के कई अवसर थे।
* शारीरिक चुनौतियों पर जीत: माधव लोकोमोटर डिसेबिलिटी (चलने-फिरने में अक्षमता) की श्रेणी में आते हैं। लेकिन उनकी शारीरिक बाधा कभी उनके सपनों के आड़े नहीं आई। उन्होंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और यूपीएससी (UPSC) जैसी कठिन परीक्षा को पास कर आईएएस अधिकारी बने।
* वर्तमान तैनाती: माधव वर्तमान में गुजरात के जामनगर में एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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बरेली की बेटी अदिति
उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली अदिति अपनी प्रशासनिक क्षमता और सौम्य व्यवहार के लिए जानी जाती हैं। राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी अदिति वर्तमान में अलवर में एसडीएम के रूप में कार्यरत हैं। बरेली की इस बेटी ने न केवल प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई, बल्कि अपनी शादी के फैसले से समाज को यह भी दिखाया कि एक शिक्षित और सशक्त महिला के लिए संस्कार और सादगी ही सबसे बड़ा आभूषण है। जैसे ही इन दोनों अफसरों की सादगी भरी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, लोगों ने उनकी प्रशंसा के पुल बांध दिए। नेटिजन्स का कहना है कि जहां आज मध्यम वर्ग भी शादियों में कर्ज लेकर लाखों खर्च कर रहा है, वहीं देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे इन अधिकारियों ने ‘सादगी’ को चुनकर युवाओं को सही दिशा दिखाई है।
लोग इसे ‘वीआईपी कल्चर’ के अंत की शुरुआत मान रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में भी इस शादी की खूब चर्चा हो रही है क्योंकि अक्सर आईएएस स्तर की शादियां अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्चा बटोरती हैं, लेकिन अदिति और माधव ने “कम में ज्यादा” (Less is more) के सिद्धांत को चरितार्थ किया है।
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