Up news: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। आज विधानसभा में सीएम योगी ने शिक्षा मित्रों की सैलरी 18,000 रुपये और अनुदेशकों की सैलरी 17,000 रुपये प्रति माह करने का ऐलान किया।
कितने हैं शिक्षा मित्र?
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,43,000 शिक्षा मित्र काम कर रहे हैं। ये लोग सालों से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। आपको बता दें, इन्हें सबसे पहले बसपा सरकार के शासनकाल में ट्रेनिंग दी गई थी। बाद में साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार ने इन्हें सहायक शिक्षक बनाने का निर्णय लिया था। लेकिन RTE एक्ट के नियमों के मुताबिक सहायक शिक्षक बनने के लिए TET पास होना जरूरी था। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सहायक शिक्षकों की भर्ती रद्द हो गई और ये सभी शिक्षा मित्र बन गए, जिनकी पहले सैलरी 10,000 रुपये प्रति माह थी।
Up news: अनुदेशकों को भी बड़ा फायदा
यूपी में करीब 24,000 से ज्यादा अनुदेशक जूनियर हाई स्कूल में काम कर रहे हैं। ये लोग संविदा पर हैं और पहले 7,000 रुपये महीना पाते थे। अब सीएम योगी के ऐलान के बाद इनकी सैलरी 17,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी।
क्या मतलब है इससे?
Up news: शिक्षा मित्रों की सैलरी 10,000 से बढ़कर 18,000 रुपये हुई। अनुदेशकों की सैलरी 7,000 से बढ़कर 17,000 रुपये हुई। यह कदम यूपी सरकार की शिक्षा और कर्मचारियों के कल्याण नीति को मजबूत करता है। यूपी सरकार का यह ऐलान न केवल शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए आर्थिक राहत है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने वाला भी कदम माना जा रहा है।
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