UP Police: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने खाकी की गरिमा और अनुशासन पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जिले के व्यस्ततम सिकंदराबाद चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी जिस ‘कंधे’ पर थी, वही कंधा नशे के बोझ से झुका नजर आया। ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड का शराब के नशे में बुरी तरह झूमते और लड़खड़ाते कदमों का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। आलम यह था कि साहब को चौराहा संभालना था, लेकिन वे खुद को ही नहीं संभाल पा रहे थे।
चौराहे पर ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा
मामला जनपद खीरी के सिकंदराबाद चौराहे का है, जहाँ प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। यहाँ की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए होमगार्ड की तैनाती की गई थी। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, होमगार्ड साहब ड्यूटी के दौरान ही “मदहोश” पाए गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी पहने होमगार्ड सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर यातायात नियंत्रित करने के बजाय खुद को गिरने से बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। उनके कदम इधर-उधर डगमगा रहे थे और वे नशे की ऐसी हालत में थे कि उन्हें अपने आसपास की सुध-बुध तक नहीं थी। चौराहे से गुजरने वाले राहगीर इस नजारे को देखकर दंग रह गए। कुछ लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा, “साहब तो अपनी ही दुनिया में झूम रहे हैं, इन्हें ट्रैफिक की क्या परवाह!”
UP Police: सोशल मीडिया पर जनता ने ली चुटकी
हादसा और तमाशा जब बीच सड़क पर हो, तो कैमरे की नजर से बचना मुश्किल है। राहगीरों ने होमगार्ड के इस ‘डांस’ और ‘मदहोशी’ का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो के बैकग्राउंड में लोग फिल्मी गाना “झूम बराबर झूम शराबी…” लगाकर इसे साझा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यूपी पुलिस के मददगार का यह हाल है, तो जनता सुरक्षित कैसे रहेगी?”
दूसरे ने तंज कसा, “शायद साहब गर्मी ज्यादा होने की वजह से ‘ठंडी’ ज्यादा पी गए।” वहीं, स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारियों की वजह से ही पूरी फोर्स की बदनामी होती है।
यातायात और सुरक्षा पर उठे सवाल
सिकंदराबाद चौराहा एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यहाँ भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में एक सुरक्षाकर्मी का नशे में धुत होना किसी बड़ी दुर्घटना को दावत देने जैसा है। यदि नशे की हालत में वह किसी वाहन के सामने आ जाते या गलत इशारा कर देते, तो कई मासूमों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। ड्यूटी के वक्त ऐसी घोर लापरवाही अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है।
Report BY: संजय कुमार






