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Uttar Pradesh: फर्जी ‘डॉक्टर’ का काला सच इलाज के बहाने महिलाओं से दुष्कर्म के आरोप

Uttar Pradesh: फर्जी ‘डॉक्टर’ का काला सच इलाज के बहाने महिलाओं से दुष्कर्म के आरोप

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक गांव में महिला से दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, देर रात एक व्यक्ति, जो गांव में खुद को डॉक्टर बताकर क्लिनिक चलाता था, कथित तौर पर उसके घर में घुस गया और जबरन वारदात को अंजाम दिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।बताया जा रहा है कि घटना गुरुवार देर रात की है। पीड़िता अपने बच्चों के साथ घर में थी, तभी पीछे के दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खुलते ही आरोपी ने जबरदस्ती अंदर घुसकर महिला के साथ गलत हरकत और छेड़छाड़  की। किसी तरह खुद को छुड़ाकर महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा

स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर काबू में कर लिया। कुछ लोगों ने उसे बांधकर सड़क पर बैठाए रखा। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर अपने साथ ले गई। इस दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

Uttar Pradesh: पहले भी रहे विवाद के आरोप

गांव के कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी पहले भी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। बताया जा रहा है कि वह गांव में एक छोटा क्लिनिक चलाता था, लेकिन उसके पास किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Uttar Pradesh: पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून हाथ में न लेने की अपील

घटना के बाद पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और तुरंत सूचना पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ द्वारा की गई मारपीट भी जांच का हिस्सा हो सकती है, लेकिन प्राथमिकता पीड़िता को न्याय दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने।

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