Goa news: उत्तरी गोवा के सेंट आंद्रे विधानसभा क्षेत्र के पालेम-सिरीदाओ गांव में भूमि उपयोग बदलने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रेवोल्यूश्नरी गोवा पार्टी (RGP) के विधायक वीरेश बोरकर और ग्रामीणों को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCP) के दफ्तर से शनिवार सुबह पुलिस ने जबरन बाहर निकाल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने करीब 84,000 वर्ग मीटर जमीन को गैर-बस्ती क्षेत्र से बस्ती क्षेत्र में बदलने के लिए धारा 39-ए का दुरुपयोग किया।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
इस फैसले के विरोध में शुक्रवार को गांव के करीब 100 निवासी ज्यादातर महिलाएं रात भर धरने पर बैठे रहे। शनिवार सुबह पुलिस की टीम दफ्तर पहुंची और विधायक वीरेश बोरकर समेत प्रदर्शनकारियों को जबरन बाहर ले गई। बोरकर ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सदन अध्यक्ष की अनुमति के बिना की गई अस्वीकार्य कार्रवाई है।
Goa news: राजनीतिक विवाद और विपक्षी समर्थन
बोरकर ने विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। विधायक ने दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दाखिल किया। वहीं, मंत्री विश्वजीत राणे ने प्रदर्शनकारियों को ‘ब्लैकमेलर’ करार देते हुए आदेश रद्द करने से इंकार किया। इस घटना के बाद कई विपक्षी नेता जैसे यूरी अलेमाओ, वेंजी विएगास, सुनील कावथंकर और अमित पालेकर बोरकर के समर्थन में सामने आए।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आगे की संभावनाएं
Goa news: विधायक वीरेश बोरकर ने विवादित भूमि उपयोग योजना को रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से शुरू होने वाला है, और ग्रामीणों तथा बोरकर का कहना है कि वे तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक आदेश रद्द नहीं होता।
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