Washington Emergency Crisis: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डी.सी. में आपातकाल लागू करने को मंजूरी दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि एक बड़ी सीवर लाइन टूटने से गंदा पानी लगातार पोटोमैक नदी में गिर रहा है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
संघीय सहायता से राहत तेज
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (फेमा) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 19 जनवरी से शुरू हुई इस समस्या से निपटने के लिए कोलंबिया जिले को संघीय आपदा सहायता दी जाएगी। यह मदद राहत और बचाव कार्यों को तेज और मजबूत बनाने के लिए है।

फेमा ने कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब एजेंसी सभी राहत कार्यों का समन्वय कर सकेगी। इसका मकसद लोगों की परेशानी कम करना, जान बचाना, संपत्ति की सुरक्षा करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा को सुरक्षित रखना है। यह सहायता सिर्फ कोलंबिया जिले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मैरीलैंड और वर्जीनिया के उन इलाकों को भी दी जाएगी, जहां इस जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी आती है।
Washington Emergency Crisis: स्थानीय प्रशासन उठाएगा शेष खर्च
राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद फेमा जरूरत के अनुसार कर्मचारी, उपकरण और अन्य संसाधन इकट्ठा कर सकेगी। एजेंसी के पब्लिक असिस्टेंस प्रोग्राम के तहत इमरजेंसी सुरक्षा उपायों पर होने वाले योग्य खर्च का 75 प्रतिशत हिस्सा संघीय सरकार देगी, जबकि बाकी खर्च संबंधित स्थानीय प्रशासन उठाएगा।
वॉशिंगटन डी.सी. की मेयर म्यूरियल बोसर ने शुक्रवार को दोबारा स्पष्ट किया कि पोटोमैक नदी में हुए सीवेज रिसाव का असर पीने के पानी पर नहीं पड़ा है।
200 मिलियन गैलन गंदा पानी बहा
जानकारी के मुताबिक, 19 जनवरी को डीसी वाटर द्वारा संचालित ‘पोटोमैक इंटरसेप्टर’ नाम की बड़ी सीवर पाइपलाइन का एक हिस्सा टूट गया था। इस टूट-फूट के कारण 200 मिलियन गैलन से ज्यादा गंदा पानी पोटोमैक नदी में चला गया। इसके बाद 18 फरवरी को मेयर बोसर ने करीब एक महीने से चल रही इस घटना को स्थानीय सार्वजनिक आपातकाल घोषित किया, ताकि संघीय सरकार से सहायता प्राप्त की जा सके।
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