Chhattisgarh: बस्तर इलाके में सुरक्षा बलों ने कांकेर जिले के घने जंगलों में माओवादियों को बड़ा झटका दिया है। यहां चार माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया और बड़ी मात्रा में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) तथा अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया।
माओवादी स्मारकों को ध्वस्त करना
सुरक्षा बलों ने हापा टोला और बिंगुंडा के जंगली इलाकों में माओवादियों द्वारा बनाए गए चार स्मारकों को तोड़ दिया। ये स्मारक नक्सलियों के प्रचार, भर्ती रैलियों और अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए प्रतीकात्मक स्थल के रूप में काम करते थे। इन स्मारकों को ध्वस्त करने का उद्देश्य माओवादियों की मनोवैज्ञानिक पकड़ को कमजोर करना था।
Chhattisgarh: आईईडी और आपत्तिजनक सामान की बरामदगी
इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने पेड़ों और झाड़ियों के बीच छिपाए गए चार भारी आईईडी बरामद किए। इन विस्फोटकों का उद्देश्य गश्त कर रहे सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाना था। इन आईईडी को बम निरोधक विशेषज्ञों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
नक्सल-विरोधी अभियान को गति
कांकेर पुलिस ने इसे एक बड़ी ऑपरेशनल सफलता बताया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के 31 मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लक्ष्य के तहत की गई है। हाल के महीनों में माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है, और बस्तर संभाग में ऐसे कई माओवादी स्मारकों को ध्वस्त किया गया है।
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