Satish Gautam statement: सतीश गौतम के एक बयान के सामने आने के बाद अलीगढ़ में सियासी माहौल गरमा गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें रमजान-ईद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और उनका ध्यान होली और दीवाली जैसे त्योहारों पर रहता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी दलों की ओर से भी इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाया
सांसद सतीश गौतम ने बातचीत के दौरान छात्रों की परीक्षाओं का जिक्र करते हुए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस समय परीक्षाएं चल रही हैं और सुबह करीब चार बजे लाउडस्पीकर बजने से विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना था कि पढ़ाई के इस अहम समय में सभी पक्षों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, ताकि छात्रों की तैयारी प्रभावित न हो।
Satish Gautam statement: नुमाइश में नमाज की अनुमति पर भी टिप्पणी
सांसद ने अलीगढ़ की नुमाइश में नमाज की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नुमाइश क्षेत्र में पहले से ही कई स्थानों पर अवैध अतिक्रमण की शिकायतें हैं और ऐसे में वहां नमाज के लिए अलग से जगह देने के फैसले पर प्रशासन को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले और नुमाइश जैसी जगहों का उपयोग मुख्य रूप से सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए।
योजनाओं के लाभ को लेकर भी दिया बयान
सतीश गौतम ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ सभी समुदायों को बिना भेदभाव के दिया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं पहुंचाना है, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से हों।
Satish Gautam statement: बयान पर समर्थन और आलोचना दोनों
सांसद के बयान के बाद अलीगढ़ में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों के कई नेता इसे विवादित बताते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं। फिलहाल यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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