Rupee value: बुधवार को भारतीय रुपये की गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे टूटकर 92.63 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी बाजार में डॉलर की मजबूती और भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।
क्यों गिर रहा है रुपया?
मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, इस समय करेंसी मार्केट काफी अस्थिर है और कई वजहें एक साथ रुपये को कमजोर कर रही हैं: कच्चा तेल महंगा: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे भारत का आयात खर्च बढ़ रहा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली: FII लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे रुपये की मांग घट रही है। डॉलर मजबूत: डॉलर इंडेक्स करीब 99.62 तक पहुंच गया है, जिससे बाकी मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है।
Rupee value: शेयर बाजार चढ़ा, फिर भी नहीं संभला रुपया
हालांकि सेंसेक्स 633 अंकों की तेजी के साथ 76,704 पर बंद हुआ, लेकिन यह मजबूती रुपये को गिरने से नहीं रोक पाई। दिन के दौरान रुपया 92.65 तक भी फिसल गया था, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है।
आपकी जेब पर क्या असर?
Rupee value: रुपये की कमजोरी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा: पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं, खाने-पीने की चीजों की कीमत बढ़ सकती है, विदेश में पढ़ाई और यात्रा करना महंगा हो जाएगा, कुल मिलाकर, रुपये की गिरावट आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ाने का काम कर सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात और विदेशी निवेश स्थिर नहीं होते, तब तक रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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