New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश की आर्थिक दिशा और बुनियादी ढांचे को लेकर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। इस बैठक में सरकार ने मुख्य रूप से रोजगार सृजन, कृषि सहायता और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर अपना ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, इस अहम बैठक में करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें महंगाई भत्ते पर टिकी थीं, लेकिन उनके हाथ फिलहाल निराशा ही लगी है।
New Delhi News: युवाओं के लिए 15 लाख नौकरियों की सौगात
सरकार ने देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की लागत वाली “भारत औद्योगिक विकास योजना” (BHAVYA) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देशभर में 100 विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करना है जो ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित होंगे। इस दूरगामी पहल से देश में लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया गया है, जिससे युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुलेंगे।
New Delhi News: क्या है प्लग-एंड-प्ले मॉडल और इसकी खासियत
इस नए मॉडल के तहत सरकार कंपनियों को पूरी तरह से विकसित औद्योगिक क्षेत्र उपलब्ध कराएगी। इन पार्कों में बिजली, पानी, सड़क और ड्रेनेज जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं पहले से ही तैयार मिलेंगी। कंपनियों को केवल अपनी मशीनरी लानी होगी और वे तुरंत उत्पादन कार्य शुरू कर सकेंगी। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
कपास किसानों के लिए 1,718 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के लिए 1,718.56 करोड़ रुपये के भारी-भरकम अनुदान को हरी झंडी दिखाई है। यह राशि विशेष रूप से 2023-24 के सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की गई कपास की खरीद और उससे होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। इस फैसले से सीधे तौर पर उन कपास उत्पादकों को लाभ होगा जो सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़े हैं।
क्लीन एनर्जी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का विस्तार
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने ‘लघु पनबिजली विकास योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के माध्यम से दूर-दराज के और ग्रामीण इलाकों में छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि उन दुर्गम क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के स्थानीय अवसर भी विकसित होंगे जहाँ बड़े पावर प्रोजेक्ट्स लगाना संभव नहीं है।
उत्तर प्रदेश में हाईवे कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
बुनियादी ढांचे के विकास के क्रम में सरकार ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी-बहराइच नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने का निर्णय लिया है। यह सड़क मार्ग सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नेपाल सीमा और पूर्वांचल के बड़े हिस्से को जोड़ता है। इस हाईवे के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार को नई गति मिलेगी।
महंगाई भत्ते का इंतजार और कर्मचारियों की उम्मीदें
इन तमाम बड़े ऐलानों के बीच 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए यह बैठक थोड़ी निराशाजनक रही। आमतौर पर होली के समय महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद रहती है, लेकिन फिलहाल 58% की दर पर ही डीए स्थिर है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इस बार इसमें इजाफा होगा, लेकिन अब उनकी नजरें सरकार की अगली कैबिनेट बैठक या आगामी बजट घोषणाओं पर टिकी हैं।
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