Assam Assembly Elections: असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पारंपरिक सीट जलुकबारी से नामांकन दाखिल करने के लिए एक विशाल रोड शो किया। कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने खानापारा वेटरनरी फील्ड से हेंगराबाड़ी तक लगभग 5.6 किलोमीटर लंबा सफर तय किया। इस दौरान भारी बारिश के बावजूद समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ और सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी। सरमा ने इस जनसमर्थन के लिए सोशल मीडिया के जरिए जनता का आभार जताया और इसे ‘आई असोमी’ की सेवा के लिए मिलने वाली ऊर्जा करार दिया।
Assam Assembly Elections: जलुकबारी से सरमा का पुराना नाता
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के लिए जलुकबारी विधानसभा क्षेत्र पिछले दो दशकों से एक अभेद्य किला बना हुआ है। हालांकि, इस सीट पर उनका सफर 1996 में हार के साथ शुरू हुआ था, लेकिन 2001 में पहली जीत दर्ज करने के बाद से वे लगातार यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नामांकन से पहले मुख्यमंत्री ने अपनी माताजी का आशीर्वाद लिया और भावुक होते हुए कहा कि भले ही व्यस्तता के कारण वे उनके साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते, लेकिन उनका आशीर्वाद ही उन्हें जनसेवा की शक्ति देता है। उनकी पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा ने भी इस मौके पर विश्वास जताया कि पिछले कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के दम पर जनता इस बार भी पूर्ण बहुमत के साथ उन्हें मौका देगी।
Assam Assembly Elections: विपक्षी दिग्गजों ने भी कसी कमर
सत्ताधारी दल के साथ-साथ विपक्षी खेमे में भी नामांकन को लेकर काफी हलचल रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने अपनी पारिवारिक विरासत वाली नाजिरा सीट से पर्चा भरा। सैकिया 2011 से लगातार इस सीट पर काबिज हैं। वहीं, कांग्रेस के एक और दिग्गज नेता रिपुन बोरा ने उत्तर असम की बरबल्ला सीट से ताल ठोकी है। क्षेत्रीय दलों की बात करें तो असम जातीय परिषद के मुखिया लुरिनज्योति गोगोई खुमताई सीट से और राइजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में औपचारिक रूप से उतर चुके हैं।
चुनाव कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियां
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए होने जा रहे इस चुनावी महाकुंभ में नामांकन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में है। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 23 मार्च निर्धारित की गई है। इसके अगले दिन यानी 24 मार्च को सभी कागजातों की जांच की जाएगी और उम्मीदवारों के पास 26 मार्च तक अपना नाम वापस लेने का विकल्प रहेगा। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 4 मई को मतगणना के दिन होगा।
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