Iran crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ मानने से साफ इनकार कर दिया है और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव भी खारिज कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है और कूटनीतिक हल की उम्मीदों को भी धक्का पहुंचा है।
अमेरिकी प्रस्ताव को किया खारिज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया। इसके साथ ही तेहरान ने अपनी ओर से एक सख्त और व्यापक शर्तों वाला काउंटर प्रस्ताव पेश किया है। इससे साफ है कि फिलहाल ईरान किसी नरमी के मूड में नहीं है।
Iran crisis: पाकिस्तान की कोशिशों पर पानी
दरअसल, शहबाज शरीफ ने दोनों देशों के बीच “अर्थपूर्ण और निर्णायक” बातचीत की मेजबानी का प्रस्ताव दिया था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्ताव भी ईरान तक पहुंचाया था, लेकिन ईरान के इनकार के बाद इस्लामाबाद में बातचीत होने की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
Iran crisis: प्रस्ताव में क्या-क्या था शामिल
अमेरिका के प्रस्ताव में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना और प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन रोकने जैसी शर्तें शामिल थीं। हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया और अपनी शर्तों के साथ आगे बढ़ने का संकेत दिया है।
युद्धविराम पर अब भी असमंजस
Iran crisis: अमेरिका और ईरान दोनों ही युद्धविराम को लेकर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं, जिससे स्थिति और ज्यादा उलझती जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में बातचीत आगे बढ़ेगी या तनाव और बढ़ेगा।
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