Iran crisis: रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही यह युद्ध इजरायल का है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कीमत पहले मुस्लिम दुनिया और फिर पूरी मानवता को चुकानी पड़ रही है।
नेतन्याहू सरकार पर आरोप
एर्दोगन ने बेंजामिन नेतन्याहू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इजरायल सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लेबनान में भी चरणबद्ध तरीके से अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। उनके मुताबिक, यह रणनीति पूरे क्षेत्र को और ज्यादा अस्थिर कर सकती है।
Iran crisis: मानवता और एकता की अपील
तुर्की के राष्ट्रपति ने भावुक अंदाज में कहा कि इस्फ़हान, तेहरान या बेरूत में बहाए गए आंसुओं में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे नाम अली हो, उमर हो या आयशा दर्द सबका एक जैसा है। युद्ध के बाद भी लोगों को साथ रहना है, इसलिए इस सच्चाई को नहीं भूलना चाहिए।
जंग के बाद भी साथ रहना होगा
Iran crisis: एर्दोगन ने कहा कि बम और मिसाइलें एक दिन शांत हो जाएंगी, लेकिन पड़ोसी और भाई होने के नाते लोगों को फिर एक-दूसरे के साथ ही जीना होगा। उन्होंने सभी पक्षों को याद दिलाया कि यह संघर्ष स्थायी नहीं है, लेकिन इसके परिणाम लंबे समय तक असर डाल सकते हैं।
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