Dgca: एयर यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विमानन विनियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने 26 मार्च 2026 से एयर टिकट रिफंड से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। लंबे समय से एयरलाइंस द्वारा रिफंड में देरी और अतिरिक्त चार्ज वसूलने की शिकायतों के बाद अब सख्त नियम लागू किए गए हैं। इन बदलावों से अब टिकट कैंसिल करने पर पैसा वापस पाना पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगा।
रिफंड की तय समयसीमा
नए नियमों के मुताबिक अब रिफंड में देरी नहीं होगी। क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने पर 7 दिन के भीतर पैसा लौटाना अनिवार्य है, जबकि कैश से टिकट लेने वालों को तुरंत रिफंड मिलेगा। वहीं ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से बुकिंग पर 14 कार्य दिवस के भीतर रिफंड देना होगा। खास बात यह है कि एजेंट से टिकट लेने पर भी जिम्मेदारी एयरलाइन की ही होगी।
Dgca: अब कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं
एयरलाइंस अब रिफंड प्रोसेस करने के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेंगी। यानी यात्रियों को उनका पूरा पैसा बिना किसी छिपे चार्ज के वापस मिलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
Dgca: पूरा पैसा और फ्री कैंसलेशन सुविधा
रिफंड में टिकट किराया, टैक्स, UDF, ADF और PSF जैसे सभी चार्ज शामिल होंगे, और यह नियम नॉन-रिफंडेबल टिकट पर भी लागू होगा। साथ ही, टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना अतिरिक्त शुल्क के कैंसिल या बदलाव किया जा सकेगा, हालांकि इसके लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर समय की कुछ शर्तें लागू होंगी।
क्रेडिट शेल और जानकारी की पारदर्शिता
अब एयरलाइंस यात्रियों को क्रेडिट शेल लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगी। यात्री चाहें तो पूरा पैसा वापस ले सकते हैं। इसके अलावा, रिफंड की पूरी डिटेल और कैंसलेशन चार्ज की जानकारी पहले से देना एयरलाइंस के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
कैंसलेशन चार्ज, नाम सुधार और इमरजेंसी राहत
Dgca: एयरलाइंस अब बेस फेयर और फ्यूल सरचार्ज से ज्यादा कैंसलेशन चार्ज नहीं ले पाएंगी। टिकट में नाम की गलती 24 घंटे के भीतर बिना शुल्क ठीक कराई जा सकेगी। वहीं मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को रिफंड या क्रेडिट शेल देने का प्रावधान भी रखा गया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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