Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने राज्यभर में मतदाता जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत हावड़ा में “चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व” नाम से एक साइकिल रैली आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) और जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Bengal Election 2026: हावड़ा ब्रिज से शुरू हुई जागरूकता रैली
हावड़ा ब्रिज पर चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने शपथ समारोह में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके बाद जिला चुनाव अधिकारी और हावड़ा के पुलिस आयुक्त ने साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र शामिल हुए। खास तौर पर पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने भी उत्साह के साथ इसमें भागीदारी निभाई।

सुबह 7 बजे शुरू होकर फेरी घाट पर समाप्त हुई रैली
यह साइकिल रैली सुबह 7 बजे हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से शुरू हुई। रैली रेल म्यूजियम के रास्ते होते हुए रामकृष्णपुर फेरी घाट पर जाकर समाप्त हुई। कार्यक्रम के बाद वहां सांस्कृतिक आयोजन भी किए गए। लोकगीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से लोगों को मतदान के महत्व के बारे में बताया गया और चुनाव को एक उत्सव की तरह मनाने का संदेश दिया गया।
इसके अलावा मतदाता जागरूकता को बढ़ाने के लिए बोट फेरी अभियान जैसे अन्य ‘स्वीप’ कार्यक्रमों की भी शुरुआत की गई।
Bengal Election 2026: ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ बने कार्यक्रम का आकर्षण
इस कार्यक्रम का एक खास आकर्षण लोकप्रिय एनिमेशन पात्र ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ रहे। इन किरदारों की मौजूदगी ने बच्चों और युवाओं का ध्यान खींचा। इनका उद्देश्य खास तौर पर युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना था।
मतदाताओं को जागरूक करने की पहल
चुनाव आयोग के मीडिया प्रभारी आशीष गोयल ने बताया कि यह कार्यक्रम व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (स्वीप) अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करना और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आयोग की कोशिश है कि पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव लोगों के लिए एक उत्सव जैसा अनुभव बने।
मतदान से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी
चुनाव आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस जागरूकता अभियान का लक्ष्य लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जानकारी देना है। साथ ही मतदाताओं को मतदान केंद्र की जानकारी, मतदान के दिन का समय और अन्य जरूरी विवरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
आयोग ने बताया कि इस अभियान का खास फोकस शहरी मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांग मतदाताओं, युवाओं और पहली बार वोट देने वालों पर रहेगा, ताकि चुनाव में उनकी भागीदारी बढ़ सके।
कॉलेजों और सोशल मीडिया के जरिए भी चलेगा अभियान
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि हाल ही में लागू किए गए कई नए उपायों को भी इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। पहली बार वोट देने वाले युवाओं को प्रेरित करने के लिए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा युवाओं को जोड़ने के लिए राज्य की सांस्कृतिक झलक के साथ प्रभावी सोशल मीडिया अभियान भी चलाया जाएगा। साथ ही सरकारी विभागों और कॉर्पोरेट संस्थानों के सहयोग से इस जागरूकता अभियान की पहुंच को और मजबूत बनाने की योजना है।
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