Accusations on ISI: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर देश के धार्मिक और सामाजिक हलकों में चिंता गहराती जा रही है। इसी कड़ी में मौलाना साजिद रशीदी ने इन घटनाओं को केवल आंतरिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश करार देते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आईएसआई पर गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी ने दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के पीछे आईएसआई की सक्रिय भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह सब 1971 की ऐतिहासिक पराजय का बदला लेने की मानसिकता का परिणाम है। उनके मुताबिक, “बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह स्वतःस्फूर्त नहीं बल्कि बाहरी ताकतों द्वारा प्रायोजित है।”
Accusations on ISI: शेख हसीना के बयान पर सवाल
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से मौजूदा हालात पर की जा रही टिप्पणियों पर भी मौलाना ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भी बड़ी संख्या में हिंदुओं की हत्या हुई थी, ऐसे में मौजूदा सरकार की आलोचना करने का नैतिक अधिकार उन पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शेख हसीना निर्दोष हैं, तो उन्हें अपने देश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना चाहिए।
‘लिंचिस्तान’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
इल्तिजा मुफ्ती के ‘लिंचिस्तान’ वाले बयान पर मौलाना साजिद रशीदी ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी देश को इस तरह के शब्दों से संबोधित करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिंचिंग जैसी घटनाएं निंदनीय हैं, लेकिन इसके लिए दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, न कि पूरे देश की छवि को बदनाम किया जाए।
विदेश नीति और भारत सरकार का रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर शशि थरूर के बयान का समर्थन करते हुए मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश का प्रतिनिधि होता है, किसी एक पार्टी का नहीं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की निंदा करने के लिए भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के रुख को सही और आवश्यक बताया।
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