AL FALAH UNIVERSITY: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए आतंकी हमले के बाद एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की है। एआईयू ने इस विश्वविद्यालय की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की जांच और मीडिया रिपोर्टों के बाद उठाया गया है, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े कई डॉक्टरों के नाम सामने आए थे।
गुड स्टैंडिंग का दर्जा खोने पर सदस्यता रद्द
AL FALAH UNIVERSITY: एआईयू की ओर से गुरुवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर भुपिंदर कौर आनंद को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि संगठन की सदस्यता तब तक बनी रहती है जब तक विश्वविद्यालय ‘गुड स्टैंडिंग’ की स्थिति में रहता है। लेकिन हाल की मीडिया रिपोर्टों और जांच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी इस श्रेणी में नहीं पाई गई। इसलिए, एआईयू ने संगठन के नियमों और उपविधानों के तहत उसकी सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।

एआईयू का निर्देश
AL FALAH UNIVERSITY: एआईयू ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता समाप्त होने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी किसी भी प्रकार की गतिविधियों, प्रकाशनों या प्रचार सामग्री में एआईयू के नाम या लोगो का उपयोग नहीं कर सकेगी। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सभी प्रचार सामग्रियों से एआईयू का लोगो तुरंत हटा दे। पत्र में यह भी कहा गया है कि यह कदम संगठन की प्रतिष्ठा और शैक्षणिक मानकों की रक्षा के लिए आवश्यक है। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि वह इस निर्णय की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों पर जांच
AL FALAH UNIVERSITY: गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली बम धमाके की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और हरियाणा पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टरों को हिरासत में लिया था। इनमें डॉ. उमर उन नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सभी से आतंकी नेटवर्क और हमले से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।
मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर
AL FALAH UNIVERSITY: जानकारी के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब अपनी वेबसाइट पर पाठ्यक्रमों और मान्यता से संबंधित गलत जानकारी देने के कारण भी जांच के दायरे में है। सदस्यता रद्द होने के बाद विश्वविद्यालय अब एआईयू की मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर हो गया है, जिससे उसके शैक्षणिक स्तर और विश्वसनीयता पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
जानें क्या है एआईयू
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (AIU) की स्थापना 1925 में हुई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह भारतीय विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग, विदेशी डिग्रियों की मान्यता और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। AIU विश्वविद्यालयों के खेल, शोध और नीति निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।
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