Amit Saha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में वामपंथी उग्रवाद की असली वजह माओवादी विचारधारा है। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस सोच ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में रहने वाले आदिवासी समाज की तीन पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया।
नक्सलवाद विकास नहीं, वैचारिक साजिश का नतीजा
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद को विकास की कमी या कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि अगर नक्सलवाद की वजह विकास होती, तो देश के कई अन्य जिलों में स्थिति बस्तर से भी बदतर होती। गृह मंत्री के अनुसार, नक्सलवाद की जड़ें एक सुनियोजित माओवादी वैचारिक साजिश में हैं।
Amit Saha: आदिवासियों को गुमराह कर थमाए गए हथियार
गृह मंत्री ने कहा कि माओवादी विचारधारा ने मासूम आदिवासियों को गुमराह कर हथियार उठाने के लिए मजबूर किया। इस विचारधारा के चलते बच्चों के हाथों में किताबों की जगह बंदूकें आईं, स्कूलों को नुकसान पहुंचा और विकास कार्यों में लगातार बाधाएं पैदा की गईं।
नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील
अमित शाह ने नक्सली गतिविधियों में शामिल लोगों से सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण करने की अपील की। उन्होंने खासतौर पर युवा आदिवासी महिलाओं से कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं, जिनका लाभ उठाना चाहिए।
Amit Saha: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का साझा विकास
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच मजबूत आपसी संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य आपसी सहयोग के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं और एक-दूसरे का साथ निभा रहे हैं।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता
गौरतलब है कि जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ों में 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं। इस दौरान करीब 1,900 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,500 से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, मध्य प्रदेश को तय समय से पहले ही नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है।
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