Anaya Bangar News: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर को अपनी जेंडर पहचान की यात्रा में पिता का पूरा समर्थन मिला है। क्रिकेटर और ट्रांस राइट्स एडवोकेट अनाया मार्च महीने में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने जा रही हैं, जिसका पूरा खर्च उनके पिता संजय बांगर उठाएंगे। यह सर्जरी थाईलैंड के एक विशेष क्लिनिक में की जाएगी, जहां अनाया को करीब एक महीने तक रहना होगा।
मार्च में होगी जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी
अनाया बांगर की सर्जरी मार्च 2026 में प्रस्तावित है। इसके लिए उन्होंने थाईलैंड के एक स्पेशलाइज्ड मेडिकल क्लिनिक को चुना है, जो जेंडर-अफर्मिंग प्रक्रियाओं के लिए जाना जाता है। सर्जरी के बाद उन्हें लंबे समय तक मेडिकल निगरानी और आराम की आवश्यकता होगी।
Anaya Bangar News: पिता संजय बांगर उठाएंगे पूरा खर्च
सूत्रों के मुताबिक, अनाया की जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी का पूरा खर्च उनके पिता संजय बांगर वहन करेंगे। परिवार के इस समर्थन को ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए एक सकारात्मक और संवेदनशील कदम माना जा रहा है।
एक महीने का इलाज, छह महीने क्रिकेट से दूरी
सर्जरी के बाद अनाया को: लगभग एक महीने तक थाईलैंड में रहना होगा , इसके बाद लंबा रिकवरी पीरियड रहेगा, कम से कम छह महीने तक क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, इस दौरान शारीरिक गतिविधियों से दूरी जरूरी होगी।
Anaya Bangar News: कौन हैं अनाया बांगर?
अनाया बांगर एक क्रिकेटर होने के साथ-साथ ट्रांस राइट्स एडवोकेट भी हैं। वे ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, पहचान और स्वीकार्यता को लेकर खुलकर अपनी बात रखती रही हैं। उन्होंने अपनी जेंडर पहचान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया है।
क्या होती है जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी?
मेडिकल भाषा में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी उन प्रक्रियाओं को कहा जाता है, जिनके जरिए कोई व्यक्ति अपने शरीर को अपनी जेंडर पहचान के अनुरूप ढाल सकता है। इसमें शारीरिक, हार्मोनल और सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं, जो व्यक्ति की मानसिक और भावनात्मक भलाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
Anaya Bangar News: सर्जरी का खर्च कितना होता है?
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी का खर्च: प्रक्रिया के प्रकार इलाज की जगह ,अस्पताल या क्लिनिक पर निर्भर करता है। भारत या विदेश में यह खर्च आमतौर पर 1 लाख से 20 लाख रुपये या उससे अधिक तक हो सकता है। अनाया बांगर की यह यात्रा न सिर्फ व्यक्तिगत पहचान की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि समाज में स्वीकृति, समर्थन और संवेदनशीलता की बहस को भी मजबूती देती है।
ये भी पढ़े… नेपाल सीमा से सटे जिलों में CM योगी का सख्त निर्देश जमीन खरीद पर सख्ती, अब PAN कार्ड अनिवार्य







