Arab Crisis: खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम, संवाद व कूटनीति का मार्ग अपनाने की अपील दोहराई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बढ़ती हिंसा, जनहानि और अस्थिरता भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है, विशेषकर तब जब वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रह रहे हैं।
संयम और कूटनीति पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 28 फरवरी 2026 को ही संघर्ष की शुरुआत पर चिंता जताई थी। उस समय भी सभी पक्षों से स्थिति को और न बिगाड़ने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई थी। रमजान के पवित्र महीने में हालात का और बिगड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। हाल के दिनों में संघर्ष की तीव्रता और उसका अन्य देशों तक फैलाव चिंता बढ़ाने वाला है।
Arab Crisis: भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं पर संभावित असर को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की है, जिनमें कुछ भारतीयों की मृत्यु या लापता होने की खबर है।
दूतावास सतर्क, सरकार हालात पर नजर रखे हुए
प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास नागरिकों के संपर्क में हैं और आवश्यक परामर्श जारी कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री ने भी समकक्षों से बातचीत की है। सरकार ने कहा है कि वह स्थिति पर करीबी नजर रखते हुए राष्ट्रीय हित में आवश्यक कदम उठाती रहेगी।






