Artificial intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंसानों की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धियों में गिना जा रहा है, लेकिन अब यही तकनीक चिंता की वजह भी बनती जा रही है। एक तरफ AI चैटबॉट की मदद से लोग घर बैठे बीमारियों की शुरुआती जानकारी ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ यही तकनीक गलत हाथों में जाकर साइबर अपराध और बड़े खतरे पैदा कर रही है। हाल ही में मैक्सिको से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने AI के दुरुपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मैक्सिको में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने मैक्सिको की सरकारी एजेंसियों पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले किए। दावा है कि हमलावरों ने Anthropic के AI चैटबॉट Claude का इस्तेमाल कर सरकारी सिस्टम की कमजोरियां खोजीं और करीब 150GB संवेदनशील डेटा चुरा लिया। साइबर सुरक्षा फर्म Gambit Security के रिसर्चर्स के अनुसार, यह हैकिंग दिसंबर 2025 में शुरू हुई और लगभग एक महीने तक चलती रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि चोरी किए गए डेटा में लगभग 19.5 करोड़ टैक्सपेयर्स की जानकारी, वोटिंग डेटाबेस, सरकारी कर्मचारियों के क्रेडिट रिकॉर्ड और नागरिक रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। रिसर्चर्स का कहना है कि इस हमले के पीछे किसी विदेशी सरकार का हाथ होने के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, हैकरों ने मैक्सिको के टैक्स और चुनाव विभाग तक सेंध लगा ली थी।
Artificial intelligence: हैकरों के लिए नया हथियार बन रहा AI
डिजिटल अपराध की दुनिया में AI अब एक बड़ा टूल बन चुका है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि साइबर अपराधी AI की मदद से फायरवॉल जैसी सुरक्षा दीवारों को भी भेदने लगे हैं। फायरवॉल दरअसल एक सुरक्षा प्रणाली होती है, जो निजी नेटवर्क को बाहरी खतरों से बचाती है। लेकिन AI टूल्स के जरिए हैकर अब इन्हीं सुरक्षा दीवारों में कमजोरियां तलाश रहे हैं। हाल ही में Amazon के रिसर्चर्स ने भी चेतावनी दी थी कि एक छोटे से हैकर समूह ने ओपन AI टूल्स की मदद से दर्जनों देशों में 600 से ज्यादा फायरवॉल में सेंध लगा दी।
बढ़ती चिंता
Artificial intelligence: AI जहां मेडिकल, शिक्षा और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जरूरत है सख्त रेगुलेशन, मजबूत साइबर सुरक्षा सिस्टम और AI के जिम्मेदार उपयोग की, ताकि यह तकनीक इंसानियत के लिए फायदेमंद साबित हो, न कि खतरनाक।
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