Asaduddin Owaisi: महाराष्ट्र के अकोला में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने ‘भारत माता की जय’ न बोलने के अपने रुख को दोहराया और इसे संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ा। उनके इस बयान पर कांग्रेस, भाजपा और सत्ताधारी महायुति के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
AIMIM प्रमुख ने क्या कहा?
ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान “We The People of India” से शुरू होता है, न कि “भारत माता” से। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है। उनके अनुसार, मजहब पर चलने और अपनी आस्था व्यक्त करने का अधिकार संविधान में स्पष्ट रूप से दर्ज है। AIMIM प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े कुछ लोग मुसलमानों से उनकी धार्मिक आस्था बदलने की बात कहते हैं, जो संविधान के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को जबरन किसी खास नारे या धार्मिक शब्द का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाए, तो वह कैसे सही ठहराया जा सकता है। ओवैसी ने कहा कि वे पहले अपनी आस्था का पालन करते हैं और संविधान उन्हें इसकी अनुमति देता है। ‘भारत माता की जय’ को लेकर टिप्पणी करते हुए ओवैसी ने कहा कि संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि इस नारे को कहना अनिवार्य है। उन्होंने दोहराया कि वे संविधान के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखते हैं।
Asaduddin Owaisi: राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज
ओवैसी के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने आरोप लगाया कि ओवैसी नफरत की राजनीति करते हैं और कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है, धर्म बाद में आता है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने ओवैसी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “जिहादी मानसिकता” का नेता बताया।
कांग्रेस की ओर से भी बयान सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि देश से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी ‘भारत माता की जय’ नहीं कहना चाहते तो कोई और शब्द इस्तेमाल करें, लेकिन देश के प्रति सम्मान व्यक्त करना जरूरी है। वहीं ओवैसी के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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