Ashes 2005 Comeback: क्रिकेट की एशेज सीरीज सबसे रोमांचक सीरीज में से एक मानी जाती है। हर दो साल में एक बार आयोजित होने वाला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच के मुकाबले का इंतजार हर किसी को होता है। इस साल 21 नवंबर से इस सीरीज को खेला जाएगा। इसकी शुरुआत साल 1882-83 में हुई थी और तभी से यह मैच खेला जा रहा है।

दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने कैसे पलटा खेल?
आपको बता दे, इस एशेज सीरीज में इंग्लैंड लगातार कई मैच हारी जैसे 1989, 1990-91, 1993, 1994-95, 1997, 1998-99, 2001, 2002-03 तक कुल बार इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा है। इसीलिए इंग्लैंड के लिए यह सीरीज जीतना बेहद जरूरी हो गया था और यह मौका मिला वर्ष 2005 में खेली गई सीरीज में जब ऑस्ट्रेलिया मैच खेलने के लिए इंग्लैंड की धरती पर पहुंची। लेकिन इस सीरीज को जितना इतना आसान भी नहीं रहा।

साल 2005 में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआती मुकाबले में लगा इंग्लैंड एक बार फिर मैच हारने वाली है। लेकिन माइकल वॉन की कप्तानी वाली इंग्लैंड अपनी धरती पर एशेज का खिताब इस बार जीत कर, अपना खोया हुआ रुतबा वापस पाना चाहती थी। जिसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने 239 रन से जीत अपने नाम की। इंग्लैंड की पहले टेस्ट में इस हार के बाद एक बार फिर इंग्लैंड पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडराने लगा। वही फिर दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पूरा जोर लगा दिया और खेल में वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को 2 रन से हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद दोनों टीम सीरीज में 1-1 से बराबर पर आई।

Ashes 2005 Comeback: सीरीज जीतकर इंग्लैंड ने कैसे बदला इतिहास?
सीरीज का तीसरा मैनचेस्टर में खेला गया और इसका रिजल्ट ड्रॉ रहा। जिसके बाद चौथे टेस्ट नॉटिंघम में खेल गया और इसमें इंग्लैंड से 3 विकेट से मैच को जीत लिया। अब बारी थी अंतिम मुकाबले की जिसे द ओवल में खेला गया और इस मुकाबले में एंड्रयू फ्लिंटॉफ गेंद और बल्ले ने सभी को चौका दिया। 402 रन बनाने के साथ ही कई विकेट भी टीम को दिलवाए। इंग्लैंड के लिए केविन पीटरसन ने 473 रन, सलामी बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक ने 431 रन, एंड्रयू स्ट्रॉस ने 393 और कप्तान माइल वॉन ने 326 रन बनाए। इन सभी खिलाड़ियों ने इस मैच में मिली जीत में बड़ी भूमिका निभाई।






