Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने आस्था और सामुदायिक जीवन के केंद्रों को मजबूत करने की पहल के तहत राज्य भर में 22,923 मंदिरों और नामघरों जीर्णोद्धार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में गहन सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखने वाले इन धार्मिक संस्थानों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 433 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि असम में हमारे लिए मंदिर और नामघर केवल पूजा स्थल नहीं हैं, वे हमारे समुदायों का हृदय और हमारी परंपराओं की आत्मा हैं।
क्या है सरकार की पहल का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इस पहल का उद्देश्य इन पवित्र स्थलों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि वे राज्य भर के लोगों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र बने रहें। नामघर, 15वीं शताब्दी के संत-सुधारक श्रीमंत शंकरदेव द्वारा शुरू किए गए नव-वैष्णव आंदोलन के तहत स्थापित पारंपरिक सामुदायिक प्रार्थना कक्ष हैं, जो असम के सामाजिक-धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धार्मिक सभाओं के अलावा, वे गांवों और कस्बों में सांस्कृतिक गतिविधियों, सामुदायिक चर्चाओं और सामाजिक एकता के केंद्रों के रूप में भी कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, मंदिरों और नामघरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना असम की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और राज्य की पारंपरिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
Assam News: विकास कार्यों में इमारतों का जीर्णोद्धार
सरमा ने कहा कि इन पवित्र स्थलों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण करके हम उन मूल्यों का सम्मान कर रहे हैं जो हमें विरासत में मिले हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन शैली आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि विकास कार्यों में इमारतों का जीर्णोद्धार, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और रखरखाव के लिए सहायता शामिल है ताकि ये संस्थाएं स्थानीय समुदायों की सेवा करना जारी रख सकें। यह पहल कई जिलों में लागू की जा रही है। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं, जिसका उद्देश्य असम की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना और साथ ही श्रद्धालुओं और समुदाय के सदस्यों के लिए पहुंच और बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में असम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े धरोहर स्थलों और संस्थाओं के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं।
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