Atishi: दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पर विपक्षी नेताओं को बार-बार निलंबित और निष्कासित कर ‘चुप कराने’ का आरोप लगाया। आतिशी ने इस संदर्भ में अध्यक्ष को एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विपक्षी विधायक तभी विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे जब चार विधायकों का निलंबन रद्द किया जाएगा।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
आतिशी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि पिछले एक साल में दिल्ली विधानसभा ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के रूप में काम नहीं किया और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्षी विधायकों को मामूली कारणों पर निलंबित किया गया और उन्हें कार्यवाही से बाहर किया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ है।
Atishi: भाजपा विधायकों पर दोहरे मापदंड का आरोप
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के विधायकों ने दो दिनों तक कार्यवाही में विघ्न डाला, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे विधानसभा के इतिहास में पक्षपाती व्यवहार और असमानता का उदाहरण बताया।
रचनात्मक संवाद का आह्वान
आतिशी ने कहा कि विपक्षी विधायक मौजूदा बजट सत्र में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि उनके निर्णय दिल्ली के भविष्य को प्रभावित करेंगे। उन्होंने 21 मार्च को आम आदमी पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल और अध्यक्ष के बीच हुई बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें रचनात्मक संवाद की इच्छा व्यक्त की गई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक डर और असहमति को कुचलने का माहौल रहेगा, तब तक सार्थक भागीदारी संभव नहीं हो पाएगी।







