Balochistan Operation: पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने बलूचिस्तान में 24 घंटे के भीतर अलग-अलग ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाकर 52 आतंकियों को मार गिराया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई आतंकी हमलों को नाकाम करने के दौरान की गई। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि बलूचिस्तान में कम से कम 12 जगहों पर आतंकियों के हमलों को विफल किया गया, जिसके बाद भी कई इलाकों में झड़पें जारी रहीं। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों का दावा है कि शनिवार को ही कम से कम 58 आतंकवादी मारे गए।
टीटीपी से जुड़े थे अधिकांश आतंकी
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मारे गए ज्यादातर आतंकवादी प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े थे। पंजाब प्रांत के मियांवाली जिले के छपरी डैम इलाके में आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) ने एक टारगेटेड ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई आतंकियों को ढेर करने का दावा किया गया।
Balochistan Operation: 10 जवानों की मौत का दावा
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों के साथ हुई झड़पों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और पुलिस के 10 जवान मारे गए। सूत्रों ने कहा, “फितना-अल-हिंदुस्तान ने बलूचिस्तान में 12 स्थानों पर हमले किए थे, लेकिन सुरक्षाबलों की समय पर और प्रभावी कार्रवाई से सभी हमले नाकाम कर दिए गए।”
ग्वादर में नागरिकों की हत्या का आरोप
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि आतंकियों ने ग्वादर में एक बलूच मजदूर के परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी, जिनमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल थे। इस घटना ने इलाके में तनाव और गहरा कर दिया है।
Balochistan Operation: मानवाधिकार उल्लंघनों पर सवाल
पाकिस्तानी सेना के इन दावों के बीच मानवाधिकार संगठनों ने बलूचिस्तान में न्यायेतर हत्याओं, जबरन गिरफ्तारियों और लोगों के गायब किए जाने के मामलों पर लगातार सवाल उठाए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में इन आरोपों का जिक्र किया गया है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार और सेना मिलकर मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाइयों के तहत उन्हें जेल में डाला जा रहा है।
जबरन गायब किए जाने के नए आरोप
ताजा मामले में एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने बताया कि बलूचिस्तान में कम से कम तीन और बलूच नागरिकों को जबरन गायब किया गया है। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ के अनुसार, सुराब जिले के 40 वर्षीय शिक्षक अली अहमद रेकी को 24 जनवरी को क्वेटा के गंज चौक इलाके से काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के कर्मियों ने अगवा किया था, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
ये भी पढ़े… ‘भारत संग तेल पर बड़ी डील…’ बजट से पहले ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान नहीं वेनेजुएला से होगा ऑयल सप्लाई!







