Ban: इंडोनेशिया ने बच्चों की ऑनलाइन दुनिया पर सख्ती करते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इस कदम के साथ इंडोनेशिया दक्षिण‑पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है, जिसने बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने और उनकी मानसिक भलाई सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया।
Ban: नियमों में कोई समझौते की गुंजाइश नहीं
इंडोनेशिया के संचार मंत्री मेउत्या हाफिद ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म X और Bigo Live ने नए नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में काम करने वाली हर डिजिटल सेवा को अपने प्रोडक्ट्स और फीचर्स को तुरंत नए नियमों के अनुसार अपडेट करना होगा। मेउत्या हाफिद ने कहा, “नियमों के पालन के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।” इस बीच, TikTok ने भी बयान में कहा कि वह नए नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है और मंत्रालय के साथ मिलकर बच्चों के अकाउंट्स पर उचित कदम उठाएगा।
सोशल मीडिया का बच्चों पर पड़ता बुरा प्रभाव
Ban: इंडोनेशिया का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर 2025 में लागू समान नीति के बाद आया है। यह दिखाता है कि दुनिया भर में बच्चों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर बहस तेज होती जा रही है। हाल ही में लॉस एंजिल्स की जूरी ने Meta और YouTube को एक युवती को नुकसान पहुंचाने का दोषी ठहराते हुए 6 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। इसी तरह, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध के पक्ष में वोट किया, जिससे सरकार पर इसी तरह का कदम उठाने का दबाव बढ़ा।
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