Bangal News: नदिया जिले में एक बार फिर पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और मानवीय कर्तव्य का परिचय देते हुए समाज के सामने मिसाल पेश की है। घर से भटककर लापता हुए महज पांच वर्षीय बच्चे को सड़क से सुरक्षित उठाकर पुलिस ने न केवल उसकी देखभाल की, बल्कि कुछ ही घंटों के भीतर उसके परिवार का पता लगाकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर किया है।
सड़क पर अकेले भटकता मिला बच्चा
यह घटना नदिया जिले के शांतिपुर थाना क्षेत्र की है। शांतिपुर गयेशपुर पंचायत इलाके में ड्यूटी पर तैनात एसआई नंद दुलाल हाजरा की नजर सड़क पर इधर-उधर घूम रहे एक पांच साल के बच्चे पर पड़ी। बच्चे ने पीले रंग की गंजी पहन रखी थी और वह काफी डरा-सहमा नजर आ रहा था। संदेह होने पर पुलिस ने जब उससे पूछताछ की, तो वह अपने बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सका।
Bangal News: थाने में रखकर शुरू की गई परिजनों की तलाश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बच्चे को सुरक्षित रूप से शांतिपुर थाने ले आई। थाने में उसकी देखरेख की गई और आसपास के इलाकों में उसके परिवार की तलाश शुरू की गई। स्थानीय सूत्रों और पंचायत स्तर पर जानकारी जुटाकर पुलिस लगातार बच्चे के परिजनों तक पहुंचने का प्रयास करती रही।

कुछ ही घंटों में परिवार से मिलन
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और बच्चे के परिवार का पता चल गया। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे और अपने बच्चे को देखकर भावुक हो उठे। शांतिपुर थाने के वर्तमान प्रभारी अधिकारी काजल बनर्जी की निगरानी में बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। बच्चे के दादा कार्तिक विश्वास ने पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इतनी जल्दी बच्चे के मिलने की उम्मीद नहीं थी। पुलिस की यह मानवीय पहल समाज के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
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