Bangla News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर स्थानीय स्तर पर दबंगई और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। टीएमसी विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के करीबी माने जाने वाले उप-प्रधान वीरबहादुर सिंह पर दबंगई और आम लोगों पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों को लेकर इलाके में असंतोष का माहौल है और लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
उप-प्रधान पर दबाव और मनमानी के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उप-प्रधान वीरबहादुर सिंह लंबे समय से अपने पद और राजनीतिक पहुंच का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप, स्थानीय मामलों में जबरन फैसले थोपना और आम नागरिकों पर दबाव बनाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। लोगों का कहना है कि इस तरह की मनमानी से जनप्रतिनिधियों की साख पर सवाल खड़े होते हैं।
Bangla News: प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के कई निवासियों ने खुलकर कहा है कि यदि राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग इसी तरह होता रहा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि डर और दबाव के माहौल में आम जनता की आवाज दबाई नहीं जानी चाहिए।
राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, वीरबहादुर सिंह की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में प्रशासन और पार्टी की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
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