Bastar Pandum 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले भव्य सांस्कृतिक उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जगदलपुर में आयोजित समारोह में इस महोत्सव का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति का जगदलपुर आगमन
राष्ट्रपति मुर्मु शनिवार सुबह जगदलपुर पहुंचीं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुईं, जहां बस्तर पंडुम की औपचारिक शुरुआत की गई।
Bastar Pandum 2026: आदिवासी कला और परंपराओं की झलक
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राष्ट्रपति ने बस्तर की लोक कला, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से देखा और सराहा। यह दौरा राष्ट्रपति मुर्मु का बस्तर क्षेत्र का पहला दौरा रहा।
सात जिलों की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
‘बस्तर पंडुम’ छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग के सात जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर की जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है। महोत्सव में लोक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प, पारंपरिक वेशभूषा, स्थानीय व्यंजन और बोली-भाषाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जाता है।
Bastar Pandum 2026: पर्यटन और स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा
यह आयोजन ग्राम, जनपद, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित किया जाता है, जिससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह महोत्सव बस्तर की सकारात्मक छवि को मजबूत करने में सहायक माना जा रहा है।
9 फरवरी को होगा समापन
बस्तर पंडुम का समापन 9 फरवरी को होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति से यह सांस्कृतिक आयोजन और भी खास बनने की उम्मीद है।
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