Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्राइवेट सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) पर हमले के मामले में पुलिस ने जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि जांच लंबित रहने तक गुलाम नबी आज़ाद को नोटिस देकर छोड़ा गया है। यह कार्रवाई रविवार को हिरासत में लिए जाने के बाद की गई।
पीएसओ की शिकायत से बढ़ा मामला
पुलिस कांस्टेबल जुम्मा खान, जो हुमायूं कबीर के पीएसओ हैं, ने शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में गुलाम नबी आज़ाद के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह शक्तिपुर थाना क्षेत्र में हुमायूं कबीर के ग्राउंड फ्लोर स्थित कार्यालय में हुई। खान का आरोप है कि जब उन्होंने ड्यूटी से छुट्टी मांगी, तो रॉबिन ने उनके साथ मारपीट की। उस समय वहां कई लोग मौजूद थे।
Bengal News: डिजिटल सबूत की जांच जारी
जिला साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने विधायक हुमायूं कबीर के आवास से डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं। हालांकि तकनीकी खामी के कारण फुटेज तत्काल प्राप्त नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार, पूरे डीवीआर और स्टोरेज को साइबर फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा सके।
हुमायूं कबीर पर भी एफआईआर
शिकायत के आधार पर पुलिस ने हुमायूं कबीर और उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद, दोनों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता और भरतपुर से विधायक हैं। वे पहले भी मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने के अपने विवादास्पद बयान को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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