Bengal News: पूर्व बर्धमान ज़िले के पूर्वस्थली उत्तर विधानसभा क्षेत्र के दोगाछिया इलाके में तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाज़ी अब खुलकर सामने आ गई है। हालात ऐसे हैं कि पिछले ढाई साल से क्षेत्रीय तृणमूल पार्टी कार्यालय पर ताले लटके हुए हैं। आरोप है कि पार्टी के दो विरोधी गुटों ने मुख्य गेट पर अलग-अलग दो ताले लगा रखे हैं, जिसके कारण कार्यालय पूरी तरह बंद पड़ा है।
पेड़ों के नीचे हो रही हैं पार्टी बैठकें
पार्टी कार्यालय बंद रहने के कारण तृणमूल कार्यकर्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में स्थानीय नेतृत्व को कभी पेड़ों के नीचे तो कभी खुले मैदानों में बैठकर कार्यकर्ता बैठकें करनी पड़ रही हैं। स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे संगठनात्मक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी गिरा है।

Bengal News: क्षेत्रीय अध्यक्ष ने खोली अंदरूनी कलह की पोल
शुक्रवार को पहली बार इस मुद्दे पर दोगाछिया क्षेत्रीय तृणमूल अध्यक्ष मृणाल कांती सरकार ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी की अंदरूनी गुटबाज़ी के कारण ही ढाई साल से पार्टी कार्यालय बंद है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक तपन चटर्जी और राज्य मंत्री स्वपन देवनाथ को कई बार इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। मृणाल कांती सरकार ने कहा कि अब केवल सर्वभारतीय युवा अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप से ही समस्या का समाधान संभव है।
भाजपा ने लगाए ‘कटमनी’ के आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने दावा किया है कि विकास कार्यों की ‘कटमनी’ के बंटवारे को लेकर तृणमूल के दो गुटों के बीच यह संघर्ष चल रहा है। उल्लेखनीय है कि दोगाछिया ग्राम पंचायत और पूरा क्षेत्र तृणमूल के कब्ज़े में है, बावजूद इसके संगठन अंदरूनी कलह से जूझ रहा है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अभिषेक बनर्जी के पूर्व बर्धमान दौरे के दौरान इस मुद्दे को उनके सामने रखने की तैयारी की जा रही है, जिससे जिले की राजनीति और अधिक गरमा सकती है।
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