Bengal News: ममता बनर्जी से पश्चिम बंगाल के शिक्षक और शिक्षा कर्मियों के संगठनों ने 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग की है। इस संबंध में संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द कार्रवाई की अपील की है।
बजट घोषणा के बाद बढ़ी उम्मीदें
संगठन के अनुसार, फरवरी में राज्य बजट के दौरान मुख्यमंत्री ने 7वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। हालांकि, उस समय यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसका लाभ शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को मिलेगा या नहीं।
Bengal News: शिक्षा कर्मियों की स्थिति अस्पष्ट
संगठन का कहना है कि सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी भी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनके वेतन और सुविधाओं को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है। इससे उनके बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वेतन और सुरक्षा का मुद्दा
शिक्षक संगठनों ने तर्क दिया कि 7वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किए जाने से उनके वेतन ढांचे में सुधार होगा, वित्तीय सुरक्षा बढ़ेगी और कार्य परिस्थितियां बेहतर होंगी।
Bengal News: भेदभाव का आरोप और चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर यह लाभ केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित रहा, तो शिक्षा क्षेत्र के हजारों कर्मचारी इससे वंचित रह जाएंगे। इससे असंतोष बढ़ सकता है, खासकर चुनावी माहौल में।
तुरंत दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
संगठन ने सरकार से आयोग के दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की मांग की है, ताकि सभी पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके। यह पत्र संगठन के नेता स्वपान मंडल द्वारा हस्ताक्षरित है। अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। यदि सरकार शिक्षकों को शामिल करती है, तो यह एक बड़ा फैसला होगा, जिसका असर पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा।
ये भी पढ़े… क्या 48 घंटे में टल जाएगा युद्ध या होगा बड़ा हमला? ट्रंप के बयान से मचा हड़कंप







