ख़बर का असर

Home » राजनीति » भारत बंद को ‘आप’ का खुला समर्थन: मजदूर-किसानों की लड़ाई में उतरने का ऐलान

भारत बंद को ‘आप’ का खुला समर्थन: मजदूर-किसानों की लड़ाई में उतरने का ऐलान

आम आदमी पार्टी ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी बंद का समर्थन किया है। यह आंदोलन मजदूरों और किसानों के अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
मजदूर-किसानों के हक में सड़कों पर संघर्ष

Bharat Bandh Support: आम आदमी पार्टी ने बताया है कि गुरुवार को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठन मिलकर जो राष्ट्रव्यापी भारत बंद बुला रहे हैं, उसका वह पूरी तरह समर्थन करती है। पार्टी ने पंजाब समेत पूरे देश के मजदूरों, किसानों, दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से इस भारत बंद को सफल बनाएं।

दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठन एक मंच पर

पार्टी का कहना है कि यह बंद किसी एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि यह करोड़ों मेहनत करने वाले लोगों के सम्मान, न्याय और अधिकारों से जुड़ी लड़ाई है। आम आदमी पार्टी ने साफ किया कि वह इस संघर्ष में सबसे आगे खड़ी है और पंजाब सहित पूरे देश में उसके कार्यकर्ता मजदूरों और किसानों के साथ मिलकर बंद में हिस्सा लेंगे।

Bharat Bandh Support: मजदूर-किसानों के हक में सड़कों पर संघर्ष
मजदूर-किसानों के हक में सड़कों पर संघर्ष

Bharat Bandh Support: नए श्रम कानूनों पर बढ़ता असंतोष और विरोध

आम आदमी पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें मजदूरों और किसानों के खिलाफ बताया है। पार्टी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों से मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं। इन कानूनों के कारण नौकरी की सुरक्षा घट गई है, कानूनी संरक्षण पहले से कम हो गया है और नियुक्ति व छंटनी जैसे मामलों में नियोक्ताओं को ज्यादा आज़ादी दे दी गई है। इससे बड़ी संख्या में मेहनतकश लोगों के हित और अधिकार खतरे में पड़ गए हैं।

पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि किसान संगठनों का इस बंद को समर्थन देना इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से केवल मजदूर ही नहीं, बल्कि किसान भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आम आदमी पार्टी ने दोहराया कि वह हमेशा मजदूरों, किसानों और आम जनता के हक के लिए आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।

मजदूर-किसानों के हक में सड़कों पर संघर्ष
मजदूर-किसानों के हक में सड़कों पर संघर्ष

किसानों की आय का सवाल

पंजाब सरकार के कामों का ज़िक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि राज्य में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की गई है, किसानों से गेहूं और धान की फसल की समय पर खरीद सुनिश्चित की गई है और लोगों को मुफ्त बिजली, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा की सुविधाएं दी जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, ये कदम दिखाते हैं कि कौन सी सरकार और पार्टी वास्तव में जनता के साथ खड़ी है।

शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी बंद में भागीदारी की अपील

केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि मजदूरों के अधिकार कम करके कुछ बड़े कॉरपोरेट घरानों के फायदे की रक्षा की जा रही है। नए श्रम कानूनों के तहत नियोक्ताओं को बिना किसी खास जवाबदेही के कर्मचारियों को हटाने की छूट मिल गई है, वहीं किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण मजबूर होकर 10 ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों को मिलकर भारत बंद का आह्वान करना पड़ा है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल