Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में इन दिनों भोजपुरी स्टार पवन सिंह की सक्रियता ने हलचल मचा दी है। हाल ही में पवन सिंह ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दिल्ली में मुलाकात की, जिसके बाद से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इस मुलाकात को शाहाबाद और मगध क्षेत्रों में राजपूत और कुशवाहा समुदायों को एनडीए के पक्ष में लामबंद करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
तेज प्रताप ने दी तीखी प्रतिक्रिया
Bihar Election 2025: हालांकि, जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि पवन सिंह को राजनीति छोड़कर अपने अभिनय करियर पर ध्यान देना चाहिए। तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि पवन सिंह का स्वभाव अवसरवादी है और वे हमेशा “किसी न किसी के चरणों में गिरते” नजर आते हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि एक समय पर पवन सिंह लखनऊ में उनके पैरों में गिरे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अब वो किसी और के चरणों की ओर बढ़ चले हैं। उन्हें खुद नहीं पता कि वे करना क्या चाहते हैं।”
तेज प्रताप ने दी पवन को सलाह
Bihar Election 2025: तेज प्रताप ने यह भी कहा कि पवन सिंह जैसे लोगों को अपने क्षेत्र मनोरंजन में ही रहना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे लोगों से राजनीति में कोई विशेष योगदान की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस बीच, छठ पर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर में शामिल कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर तेज प्रताप ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार लोक आस्था के प्रतीकों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने का प्रयास कर रही है, तो यह स्वागतयोग्य कदम है। गौरतलब है कि पवन सिंह की उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात से पहले उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी दिल्ली में भेंट की थी, जिससे उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
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