Bihar News: भागलपुर जिले की महिलाओं के लिए खुशखबरी है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चैधरी ने बताया कि जिले की कुल 4 लाख 97 हजार से अधिक महिलाओं के खाते में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राशि अंतरित की जा चुकी है। इनमें से 61,500 से अधिक महिलाओं के खाते में आज विशेष रूप से राशि हस्तांतरित की जा रही है। यह कार्यक्रम बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमलों द्वारा लाइव प्रसारित किया गया। इस अवसर पर पूरे राज्य की लगभग 25 लाख महिलाओं को प्रति लाभुक 10-10 हजार रुपये की दर से कुल 2,500 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया। भागलपुर जिले की 61,500 से अधिक महिलाएं इस कार्यक्रम का सीधा लाभार्थी बनी हैं।

कार्यक्रम में अधिकारियों और लाभार्थियों की भागीदारी
भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसमें जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चैधरी के साथ डीआरडीए निदेशक दुर्गा शंकर सिंह, अमर कुमार मिश्रा, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन, और बड़ी संख्या में जीविका दीदियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जब से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू हुई है, जिले में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 तक जिले में 3 लाख 20 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं, जो अब बढ़कर 4 लाख 32 हजार से अधिक हो गई हैं।
Bihar News: स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना से लाभान्वित महिलाएं छोटे व्यवसाय जैसे:
* किराना और स्टेशनरी की दुकान
* मनिहारी, सब्जी और फल की दुकान
* गाय एवं बकरी पालन
* कपड़ों की सिलाई और कढ़ाई
* ब्यूटी पार्लर और फूड प्रोसेसिंग
जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। इससे उनके परिवार की नियमित आय सुनिश्चित हो रही है और महिलाओं में आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मविश्वास बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि पहली किस्त की राशि प्राप्त करने के बाद, महिलाओं द्वारा शुरू किए गए व्यवसाय का मूल्यांकन किया जाएगा। अगले छह महीनों में व्यवसाय की प्रगति के आधार पर, संबंधित परिवारों को चार किश्तों में 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा सकती है।

महिला सशक्तिकरण और स्थायी विकास
डॉ. नवल किशोर चैधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। योजना का उद्देश्य केवल वित्तीय मदद प्रदान करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इस योजना से लाभान्वित महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्थायी विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए हाट-बाजार और स्थानीय व्यापार केंद्र विकसित किए जाएंगे। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि उनके परिवारों और पूरे समाज में सकारात्मक सामाजिक और आर्थिक बदलाव ला रही है।
Report BY: शयामानंद सिह






