Bihar News: मधेपुरा शहर में बुडको (BUDCO) द्वारा 72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे बहुप्रतीक्षित वाटर ड्रेनेज सिस्टम में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप अब पूरी तरह से ज़मीनी सच्चाई में बदलते नज़र आ रहे हैं। स्थानीय विधायक प्रो. चंद्रशेखर द्वारा पहले ही इस परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद पटना से उड़नदस्ता टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य के सैंपल भी लिए थे। अब निर्माण स्थल पर सामने आई घटनाओं ने इन आरोपों को और मजबूत कर दिया है।
नाले में उतर गए विधायक
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में तुलसी वस्त्रालय के सामने नाले के निर्माण के दौरान की गई आरसीसी ढलाई की गुणवत्ता जांचने के लिए विधायक प्रो. चंद्रशेखर स्वयं नाले में उतर गए। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि ढलाई किए हुए 48 घंटे बीत जाने के बावजूद कंक्रीट पूरी तरह से जमी नहीं थी और विधायक का पैर ताज़ी ढलाई में धंस गया। मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। विधायक ने तुरंत निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सोलिंग, बिना बालू बिछाए और कीचड़ पर ही सीधे आरसीसी ढलाई कर दी गई है, जो किसी भी हाल में टिकाऊ नहीं हो सकती।
Bihar News: गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
घटना के बाद मामला और संदिग्ध तब हो गया जब देर रात निर्माण एजेंसी द्वारा उसी स्थान पर जेसीबी मशीन लगाकर ढलाई को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। जैसे ही यह कार्रवाई शुरू हुई, मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि अब जब घटिया निर्माण खुलकर सामने आ गया है, तो सबूत मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में ढलाई तोड़ी जा रही है। कई लोगों ने इसे खुलेआम भ्रष्टाचार और मिलीभगत का उदाहरण बताया। सूचना मिलते ही विधायक प्रो. चंद्रशेखर देर रात दोबारा मौके पर पहुंचे और निर्माण एजेंसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मधेपुरा की जनता के पैसे से चल रही इस परियोजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने कहा कि जहां-जहां कीचड़ पर ढलाई की गई है, हर जगह उसे तोड़कर दोबारा नियम के अनुसार निर्माण करना होगा। गलत काम किया गया है तो उसे गिराना ही पड़ेगा। उन्होंने इस पूरे ड्रेनेज प्रोजेक्ट को “लूट की योजना” बताते हुए कहा कि एजेंसी ने सभी मानकों और नियमों को ताक पर रखकर काम किया है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएंगे। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन और बुडको के अधिकारियों से पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की।
Report BY: राजीव रंजन
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