Bihar News: हाथों में झाड़ू लिए यह दृश्य किसी आम सफाईकर्मी का नहीं, बल्कि सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) रिची पांडे का था, जो रविवार को सुबह-सुबह लखनदेई नदी के तट पर स्वयं सफाई करने उतर गईं। जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर हमेशा संवेदनशील रहने वाले डीएम पांडे ने इस बार स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है।
जमीन से जुड़कर किया जा सकता है काम
दरअसल, आगामी 11 दिसंबर को सीतामढ़ी जिले का स्थापना दिवस है। जिसको लेकर आम लोगो में जागरूकता फैलाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी कड़ी में साफ सफाई को लेकर डीएम के नेतृत्व में नदी के इलाकों की साफ सफाई का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जियमें खुद मैदान में उतरकर डीएम ने लोगों को यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता के साथ मिलकर नदी किनारे फैले कचरे को हटाया और यह दिखाया कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी जमीन से जुड़कर काम किया जा सकता है।
डीएम रिची पांडे ने कहा कि नदियाँ, पोखर और तालाब प्रकृति की धरोहर हैं। ये न केवल हमारे जीवन और संस्कृति से, बल्कि लोगों की धार्मिक आस्थाओं से भी सीधा जुड़ाव रखते हैं। ऐसे में इनका स्वच्छ और सुरक्षित रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने यह भी अपील की कि आम लोग कचरा नदी अथवा जलाशयों में न फेंकें और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए इन प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखने में योगदान दें।
Bihar News: 11 दिसंबर को सीतामढ़ी जिले का स्थापना दिवस
अधिकारियों के अनुसार, 11 दिसंबर को सीतामढ़ी जिले का स्थापना दिवस मनाया जाना है। इसी को लेकर जिले में सफाई, जागरूकता रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कई सामाजिक अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। उसी क्रम में लखनदेई नदी के किनारों की सफाई विशेष रूप से की गई।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी की इस भागीदारी की सराहना की और कहा कि जब अधिकारी स्वयं आगे बढ़कर ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तो जनता में भी प्रेरणा जागती है। कई युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया और भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने का संकल्प लिया।
Report By: अमित कुमार
ये भी पढ़े… मुरादाबाद में युवक की हत्या, वाइन शॉप पर गोली मार पत्थर से कुचला सिर







