Bihar News: रोहतास जिले के पहाड़ी और वनवर्ती इलाकों से भटककर रिहायशी क्षेत्र में पहुँचे एक अत्यंत दुर्लभ जीव वज्रकीट (पैंगोलिन) को वन विभाग की टीम ने बुधवार को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। यह मामला चेनारी थाना क्षेत्र के हरनापुर गांव का है, जहां ग्रामीणों ने जंगल से आए इस दुर्लभ जीव को देखकर तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान
गांव में वज्रकीट के दिखाई देने की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, वन्यजीव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की और तत्काल वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वज्रकीट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए वज्रकीट की प्राथमिक जांच की गई है और वह सुरक्षित है। विभाग अब इसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

Bihar News: क्या है वज्रकीट (पैंगोलिन)?
वज्रकीट, जिसे वैज्ञानिक भाषा में पैंगोलिन कहा जाता है, फोलिडोटा गण का एक दुर्लभ स्तनधारी प्राणी है। इसके शरीर पर केराटिन से बने कठोर शल्क (स्केल) होते हैं, जो खतरा महसूस होने पर इसे गेंद की तरह सिकुड़कर अपनी रक्षा करने में मदद करते हैं। पैंगोलिन दुनिया का एकमात्र ऐसा स्तनधारी है जिसके शरीर पर शल्क पाए जाते हैं। भारत में इसे स्थानीय तौर पर सल्लू सांप भी कहा जाता है। यह प्रजाति मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका में पाई जाती है।
आपको बता दें कि वनों की लगातार कटाई और अवैध तस्करी के कारण पैंगोलिन की सभी प्रजातियां आज गंभीर संकट में हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे संकटग्रस्त जीवों की श्रेणी में रखा गया है और इसके संरक्षण को लेकर वन विभाग एवं पर्यावरण विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं।
Report BY: Divakar Tiwari







