Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने से पहले देशभर में आम लोगों की उम्मीदें और सवाल चर्चा में हैं। इसी कड़ी में एबीपी की विशेष पहल ‘बजट पर चौपाल’ के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों ने सरकार से अपनी अपेक्षाएं खुलकर रखीं। लखनऊ और पटना में आयोजित इस चर्चा में युवा, महिलाएं और आम नागरिक शामिल हुए, जहां रोजगार, महंगाई और टैक्स जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
टैक्स कटौती और महंगाई पर फोकस
लखनऊ में चौपाल के दौरान लोगों ने कहा कि सरकार टैक्स के जरिए बड़ी वसूली कर रही है, ऐसे में बजट 2026 में टैक्स में राहत दी जानी चाहिए। आम नागरिकों ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें लगातार महंगी हो रही हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।
लोगों ने सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। महिलाओं का कहना था कि सोना उनकी जमा पूंजी होती है, लेकिन दाम इतने तेजी से बढ़ रहे हैं कि बचत करना मुश्किल हो गया है।
Budget 2026: युवाओं की मांग: रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता
चौपाल में शामिल युवाओं ने साफ कहा कि बजट में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि महंगाई बढ़ रही है, लेकिन आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही, जिससे जीवन यापन कठिन होता जा रहा है। एक युवा ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार सामान सस्ता करती है, लेकिन उसके पार्ट्स महंगे हो जाते हैं- कपड़े सस्ते होते हैं तो धागा महंगा, किताब सस्ती होती है तो कागज महंगा।”
महिलाओं ने रसोई खर्च पर जताई चिंता
महिलाओं ने बजट में रसोई के खर्च को ध्यान में रखने की मांग की। उनका कहना था कि गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री और दैनिक जरूरत की वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं, जिससे घरेलू बजट पर भारी दबाव पड़ रहा है।
Budget 2026: शिक्षा, स्वास्थ्य और बिहार के विकास की उम्मीद
चर्चा के दौरान लोगों ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश की जरूरत बताई, ताकि आम जनता को सस्ती और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही बिहार पर विशेष फोकस की मांग भी सामने आई। लोगों ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
नौवीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह इतिहास में दूसरा अवसर होगा, जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। इस बजट से सैलरीड क्लास, मिडिल क्लास, महिलाएं और कारोबारी वर्ग सभी को बड़ी राहत की उम्मीद है।
ये भी पढ़े… बलूचिस्तान में पाक सेना का बड़ा दावा: 24 घंटे में 52 आतंकी ढेर, कई ठिकानों पर चला ऑपरेशन







