Chhattisgarh: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 2024 में हुए सीआरपीएफ कैंप हमले के मामले में 6 माओवादी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से 3 आरोपित फरार हैं। यह हमला प्रतिबंधित माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के कैडरों द्वारा किया गया था, जिसमें एक दर्जन सीआरपीएफ जवान घायल हो गए थे।
हमले का विवरण और जांच
एनआईए के अनुसार, 16 जनवरी 2024 को माओवादियों ने बीजापुर जिले के धर्मावरम स्थित सीआरपीएफ कैंप पर घातक हमला किया। हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों और स्वदेशी रूप से बनाए गए बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) का इस्तेमाल किया। यह हमला उसी समय पास के दो अन्य सीआरपीएफ कैंपों पर भी किया गया था। जांच में यह सामने आया कि माओवादियों का मकसद सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना और उनके हथियार लूटना था।
Chhattisgarh: चार्जशीट और आरोपितों की पहचान
एनआईए ने 6 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिनमें से 3 फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आवलम भीमा, मड़काम नंदा और मड़काम देवा उर्फ रतन शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, आईपीसी, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए की जारी जांच और कार्रवाई
इस पूरक चार्जशीट के बाद कुल आरोपियों की संख्या 23 हो गई है। एनआईए ने 2025 में पहले 17 माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में यह भी सामने आया कि हमले से पहले माओवादी संगठन ने टारगेट कैंपों की डमी प्रतिकृति तैयार की थी और कैंपों की रेकी भी करवाई थी। एनआईए फिलहाल माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से अपनी जांच जारी रखे हुए है।







