Cm Yogi News: मोबाइल फोन इतना आवश्यक हो गया है कि उसके बिना 2 वर्ष का बच्चा भी तिलमिला उठता है। यहां तक कि मॉ-बाप बच्चों को व्यस्त रखने के लिए और अपने कामों को निपटाने के लिए खिलौने के तौर पर बच्चों को मोबाइल पकड़ा देते हैं। यदि इस बात पर गौर करें, तो पता चलता है कि आज के इस आपा-धापी वाले समय पर मॉ-बाप बच्चे की बुद्धि को पंगु बना रहे हैं। इसी बात का जिक्र उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सभा में बच्चों और उनके अभिभावकों को समझाते हुए मोबाइल से कुछ समय के लिए दूर रहने का सुझाव दिया।
लखनऊ स्थित काल्विन तालुकेदास कालेज में बच्चों के मार्गदर्शन के लिए इतिहास की घटनाओं का ज्ञानवर्धन करने का मंत्र बताया। अपने संबोधन में योगीजी का सुझाव था कि बच्चे समाचार पत्रों को अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे उनकी याददास्त बढ़ेगी। भाषा में भी सुधार होगा। यह भी उनका सुझाव था कि वे समाचार पत्रों के संपादकीय भी पढ़ें। संपादकीय से उनका मतलब यह था कि समाचार तो एक घटना है, उसे रिपोर्ट किया जाता है, पर संपादकीय घटित घटनाओं का विश्लेषण होता है, जो ज्ञान वर्धन करता है। मुख्यमंत्री अपने अनुभवों के आधार पर इस बात पर जोर दे रहे थे कि इंटरनेट मीडिया और स्मार्टफोन से कुछ क्षणों के लिए विद्यार्थियों को दूर रहना चाहिए।
आज हम उस पौध को बिगाड़ रहे हैं, उनकी बुद्धि में याददास्त के लिए कोई जगह नहीं है। हाथ मोबाइल पर होने से हर बात के लिए मोबाइल का ही सहारा होने से मस्तिष्क निष्क्रीय हो रहा है।
इसका अधिक प्रयोग होने से बहुत सारी बीमारियां पैदा हो रही हैं। इसके दुष्परिणामों को रोकने के लिए एक यही मंत्र है कि कुछ समय के लिए मोबाइल से दूर रहें, ऐसा नहीं करेंगे, तब मानसिक बीमारियों से अब भी और आगे आने वाली पीढ़ी को कष्ट झेलना पड़ेगा। धीरे-धीरे बुद्धि मंद हो जाएगी।
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