CRIME NEWS: टप्पल थाने में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल को गोली मारने वाले 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर ओमप्रकाश उर्फ शाका को अपनी करतूतों की भारी कीमत चुकानी पड़ी। 3 दिसंबर को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए शाका के दाहिने पैर में गैंगरीन फैल गई, जिसके बाद डॉक्टरों को सर्जरी कर उसका पैर काटना पड़ा।
दोनों पैरों में लगी थी गोली
3 दिसंबर की देर रात टप्पल थाना क्षेत्र में पुलिस ने शाका को घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की थी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में शाका के दोनों पैरों में पीछे की ओर से गोली लगी। बाईं टांग में जांघ के पास और दाहिनी टांग में घुटने के पास गंभीर चोट आई थी। दाहिने पैर का घुटना पूरी तरह खराब हो गया था।
CRIME NEWS: जेल अस्पताल में नहीं सुधरी स्थिति
मुठभेड़ के बाद घायल शाका को तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया, जहां जेल अस्पताल में उसका इलाज जारी रहा। इसके बावजूद दाहिने पैर की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसमें संक्रमण फैलने लगा।
गैंगरीन फैलने पर काटना पड़ा पैर
स्थिति गंभीर होने पर करीब एक सप्ताह पहले शाका को दोबारा जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार को सभी जरूरी जांचों के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी कर उसका पैर काटने का निर्णय लिया। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर ऑपरेशन नहीं होता तो उसकी जान को खतरा हो सकता था।
कॉन्स्टेबल को मारी थीं तीन गोलियां
गौरतलब है कि 9 नवंबर को शाका को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर उसने फायरिंग कर दी थी। इस हमले में टप्पल थाने में तैनात कॉन्स्टेबल देव दीक्षित को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। गंभीर हालत में उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इससे पहले 19 नवंबर की रात भी शाका टप्पल पुलिस से मुठभेड़ कर चुका था। उस दौरान उसका साथी निशांत गिरफ्तार हुआ था, जबकि शाका पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया था। उसकी गोली से पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ था।
कई मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर
पुलिस के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर शाका पर मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह एक्सप्रेस-वे के पास एक खंडहर में छिपकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने दी जानकारी
जेल अधीक्षक ब्रिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शाका के दाहिने पैर की हालत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके चलते उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं, सीएमओ इंचार्ज डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि गैंगरीन फैलने के कारण पैर पूरी तरह बेकार हो गया था, इसलिए सर्जरी कर उसे काटना पड़ा।
ये भी पढ़े… मध्य प्रदेश: सड़क हादसों में 6 घायल, अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी







