Delhi Blast: राजधानी के लाल किले के पास हुए आत्मघाती/कार-ब्लास्ट की प्रारंभिक जांच में कई अहम विकास सामने आए हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक घटनास्थल पर मौजूद व्यक्ति की पहचान उमर मोहम्मद बताई जा रही है; वहीं जांच में उसकी पारिवारिक कड़ी और सहयोगियों तक के निशान भी मिल रहे हैं।
आरोप-प्राप्त पहलू और गिरफ्तारी
Delhi Blast: पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर के दो भाई और उनकी मां को हिरासत में लिया गया है। साथ ही उमर से जुड़े कुल 12 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिन्हें डिजिटल फोरेंसिक के लिये भेजा गया है। कुछ स्रोतों का कहना है कि घटनास्थल से उमर के जैविक अवशेष (body parts) भी बरामद हुए हैं; हालांकि आधिकारिक पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण चल रहा है।
एक अन्य फरार/आरोपित व्यक्ति, जिनकी पहचान रिपोर्ट में डॉ. मुजम्मिल के रूप में बताई जा रही है, को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके घर से विस्फोटक और संबंधित सामग्री बरामद होने की जानकारी मिली है। सहारनपुर व गुरुग्राम में भी सुरक्षा तलाशी और सर्च ऑपरेशन जारी हैं।
एजेंसी का रुख और संभावित कड़ी – जैश का नाम उछला

Delhi Blast: कुछ जांच सूत्रों ने कहा है कि प्रारंभिक सुराग जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं; पर यह संबंधित एजेंसियों की जांच का विषय है और अभी तक किसी संगठन द्वारा हमले की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न केवल दिल्ली, बल्कि जम्मू-कश्मीर में भी व्यापक कार्रवाई जारी है — वहां सुरक्षा व्यवस्थाओं के तहत करीब 1,500 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है, जिनमें कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
उच्चस्तरीय समन्वय और सुरक्षा उपाय
Delhi Blast: गृह मंत्रालय ने घटना के बाद उच्चस्तरीय बैठक बैठक बुलाई; गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एनआईए, एनएसजी, आईबी, दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर जांच का समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अंतरराज्यीय नेटवर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्लीपर-सेल तंत्र की पड़ताल पर विशेष ध्यान दिया गया।
दिल्ली-एनसीआर, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है; फरीदाबाद में हजारों पुलिसकर्मी सर्च ऑपरेशन में लगे हुए बताए जा रहे हैं। लाल किला और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है; कुछ क्षेत्रों को 13 नवम्बर तक के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा गया।
जांच की चुनौती और आगे का रास्ता
Delhi Blast: जांच अधिकारियों ने कहा है कि पहचान के अंतिम पुष्टि के लिये डीएनए परीक्षण, मोबाइल कॉल डेटा रिकार्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज की क्रॉस-रिफरेंसिंग करना आवश्यक है। मूल संदिग्धों के नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और संभावित स्लीपर-सेल के संपर्कों की जांच प्राथमिकता पर है। अधिकारी यह भी बताते हैं कि फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी; हर दावे की जांच-परख के बाद ही आधिकारिक बयान होगा।
https://x.com/epanchjanya/status/1988119892688801938?t=Zww09QODTA3Aebdgr9CBsg&s=08
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