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दिल्ली में विकास और विरासत साथ-साथ, CM रेखा गुप्ता की नई पहल

राजधानी दिल्ली में विकास की रफ्तार तेज करते हुए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत की है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ मौजूदा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को भी संभाला जा सकेगा।

Delhi news: राजधानी दिल्ली में विकास की रफ्तार तेज करते हुए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं का मकसद एक तरफ दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना है, तो दूसरी ओर बिजली व्यवस्था को आधुनिक और भरोसेमंद बनाना है।

चांदनी चौक में तारों का जाल अब जमीन के नीचे

पुरानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले Chandni Chowk में ऊपर लटकते बिजली के तार अब इतिहास बनने जा रहे हैं। करीब 159.75 करोड़ रुपये की लागत से 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइन को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत: 500 नए फीडर पिलर लगाए जाएंगे, सजावटी स्ट्रीट लाइट पोल लगेंगे, निगरानी के लिए आधुनिक ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक का इस्तेमाल होगा। करीब 10,000 उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आग लगने और खराब मौसम में बिजली कटने की समस्या कम होगी। काम चरणबद्ध तरीके से रात में किया जाएगा ताकि बाजार और यातायात पर असर न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत का प्रतीक है। इस परियोजना से यह इलाका ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुंदर बनेगा।

Delhi news: मंडोली ग्रिड से उत्तर-पूर्वी दिल्ली को राहत

मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जा रहा है, जिसकी क्षमता 63 एमवीए होगी। करीब 55.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे करीब 1.5 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। मंडोली, हर्ष विहार और आसपास के इलाकों में वोल्टेज की समस्या कम होगी और बिजली आपूर्ति ज्यादा स्थिर होगी। अस्पताल, जेल और ईवी बस डिपो जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी भरोसेमंद बिजली मिलेगी।

Delhi news: बैटरी ऊर्जा भंडारण: पीक टाइम में नहीं जाएगी बिजली

ऊर्जा मंत्री Ashish Sood की मौजूदगी में चार नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। इनकी कुल क्षमता 55.5 मेगावाट/111 मेगावाट प्रति घंटा होगी। इन परियोजनाओं से लगभग 2.22 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। गर्मियों में जब बिजली की मांग बढ़ती है, तब ये बैटरियां अतिरिक्त बिजली स्टोर कर सप्लाई को स्थिर रखेंगी। मार्च 2027 से पहले इन्हें चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

1,000 करोड़ तक पहुंच सकता है विकास बजट

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चांदनी चौक क्षेत्र के लिए 100 करोड़ रुपये का आश्वासन था, लेकिन जरूरत को देखते हुए यह राशि 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। 28 सड़कों के पुनर्विकास का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर चलना चाहती है, ताकि राजधानी में आधुनिक सुविधाएं हों और ऐतिहासिक पहचान भी बरकरार रहे।

भविष्य के लिए तैयार हो रही है दिल्ली

Delhi news: सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ मौजूदा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को भी संभाला जा सकेगा। स्वच्छ, स्मार्ट और सस्टेनेबल ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दिल्ली का पावर सिस्टम अब सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कल के लिए तैयार किया जा रहा है।

 

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