Delhi news: दिल्ली सरकार ने अपनी पहली वर्षगांठ के मौके पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सरकार ने पुरानी लाडली योजना को बंद करने का फैसला लिया है। नई योजना के तहत दिल्ली की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाएगी। कुल मिलाकर पढ़ाई के दौरान 56 हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि स्नातक पूरा होने के बाद योजना के मैच्योर होने पर बेटी को एकमुश्त 1 लाख रुपये मिलेंगे।
लखपति बिटिया योजना के मुख्य नियम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक इस योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो तय मानकों पर खरे उतरते हों। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही योजना के लिए पात्र होंगी। परिवार की सालाना आय 1 लाख 20 हजार रुपये या उससे कम होनी चाहिए। यदि बेटी स्नातक की पढ़ाई पूरी होने से पहले शादी कर लेती है, तो उसे योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा। सरकार इस योजना पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
Delhi news: लाडली योजना क्यों की जा रही है बंद?
लाडली योजना को बंद करने की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सही तरीके से लागू नहीं हो पाई। लाडली योजना के तहत बच्चियों को अलग-अलग चरणों में 36 हजार रुपये मिलने थे, लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक पैसा पहुंच ही नहीं पाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक साल में सरकार ने करीब 30 हजार बच्चियों को चिन्हित कर 90 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। इसके अलावा अब 41 हजार और बच्चियों को करीब 100 करोड़ रुपये दिए जाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की योजना ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ से उन्हें इस दिशा में काम करने की प्रेरणा मिली।
कब से लागू होगी लखपति बिटिया योजना?
Delhi news: सरकार ने साफ किया है कि लाडली योजना 31 मार्च 2026 को पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके अगले ही दिन यानी 1 अप्रैल 2026 से नई लखपति बिटिया योजना लागू हो जाएगी। नई योजना के तहत घर की दो बेटियों को पढ़ाई के दौरान अलग-अलग समय पर 56-56 हजार रुपये दिए जाएंगे और स्नातक पूरा करने के बाद मैच्योरिटी पर 1 लाख रुपये की राशि मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि परिवारों को भी आर्थिक सहारा मिलेगा।
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