Delhi News: राजधानी दिल्ली का उत्तम नगर इलाका इस वक्त सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलस रहा है। होली के पावन पर्व पर एक युवक की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह विवाद अब केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट की चौखट तक जा पहुँचा है। जहाँ एक तरफ हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं दूसरी तरफ आगामी ईद के त्योहार को लेकर भी हिंसा की आशंका जताई जा रही है।
Delhi News: विश्व हिंदू परिषद का बड़ा हमला और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कांग्रेस पार्टी को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। VHP के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में तरुण और सूरज जैसे लगभग पांच दर्जन से अधिक हिंदुओं की दिल्ली में सरेआम हत्या कर दी गई। परिषद का आरोप है कि इन घटनाओं पर न तो कांग्रेस और न ही उनके द्वारा समर्थित किसी कथित ‘सेक्युलर’ नेता ने संवेदना के दो शब्द कहे। संगठन का कहना है कि जब अब पीड़ित हिंदू समाज न्याय के लिए सड़कों पर उतरा है, तो ये तमाम नेता अपनी चुप्पी तोड़कर सियासत करने के लिए बाहर निकल आए हैं।
Delhi News: सांसद मोहम्मद जावेद गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी
दूसरी ओर इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक आपातकालीन पत्र लिखा। सांसद जावेद ने अपने पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विशेष समुदाय के लोगों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने गृह मंत्री से मांग की है कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जिस भी स्तर पर चूक हुई है, उसकी जवाबदेही तय की जाए। साथ ही उन्होंने नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देने का आग्रह भी किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका और ईद पर हिंसा का अंदेशा
हालात की गंभीरता को देखते हुए यह पूरा प्रकरण अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें आगामी ईद के मौके पर बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने की आशंका जताई गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके। कोर्ट अब इस मामले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को विशेष निर्देश जारी कर सकता है। फिलहाल उत्तम नगर में भारी पुलिस बल तैनात है और चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है।
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